जयपुर केंद्रीय चिकित्सालय का महाप्रबंधक पंकज शर्मा ने किया विस्तृत निरीक्षण, स्वास्थ्य सेवाओं पर दिए सख्त निर्देश
उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक पंकज शर्मा ने जयपुर केंद्रीय चिकित्सालय का निरीक्षण कर चिकित्सा सुविधाओं और आपातकालीन सेवाओं की समीक्षा की.

उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक पंकज शर्मा ने जयपुर स्थित केंद्रीय चिकित्सालय में ऑपरेशन थिएटर और स्वास्थ्य सेवाओं का निरीक्षण किया.
उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक पंकज शर्मा ने जयपुर स्थित उत्तर पश्चिम रेलवे केंद्रीय चिकित्सालय का विस्तृत निरीक्षण कर शल्य चिकित्सा सुविधाओं, आपातकालीन सेवाओं, मरीजों की देखभाल और अस्पताल की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की कार्यप्रणाली, संक्रमण नियंत्रण, दवाओं की उपलब्धता और मरीजों को दी जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। साथ ही अस्पताल प्रशासन को स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और मरीजों की सुविधा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर आवश्यक निर्देश दिए।
इस उच्चस्तरीय निरीक्षण के दौरान प्रमुख मुख्य चिकित्सा निदेशक (PCMD) डॉ. लक्ष्मी मीणा, चिकित्सा निदेशक (MD) डॉ. संजय कुमार साहा और मंडल रेल प्रबंधक (DRM), जयपुर सहित रेलवे मुख्यालय एवं मंडल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
निरीक्षण के प्रमुख चरण में महाप्रबंधक पंकज शर्मा ने अस्पताल के मुख्य ऑपरेशन थिएटर (OT) परिसर का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने वहां स्थापित लैमिनार एयरफ्लो सिस्टम, मॉड्युलर ऑपरेटिंग टेबल, आधुनिक एनेस्थीसिया वर्कस्टेशन और उन्नत सर्जिकल मॉनिटरिंग उपकरणों की कार्यप्रणाली को समझा। उन्होंने शल्य चिकित्सा से जुड़ी तकनीकी व्यवस्थाओं और उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की।
महाप्रबंधक ने ऑपरेशन थिएटर के स्टरलाइजेशन ब्लॉक (CSSD) का भी निरीक्षण किया। इस दौरान संक्रमण नियंत्रण के अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुपालन, बायो-मेडिकल वेस्ट प्रबंधन और स्वच्छता प्रोटोकॉल की स्थिति का जायजा लिया गया। उन्होंने आपातकालीन परिस्थितियों में तत्काल शल्य चिकित्सा शुरू करने की तैयारियों और बैकअप पावर सिस्टम की व्यवस्था की भी समीक्षा की।
ऑपरेशन थिएटर में चिकित्सकों और संबंधित कर्मचारियों से संवाद के दौरान पंकज शर्मा ने शल्य चिकित्सकों, एनेस्थेटिस्ट और ओटी नर्सिंग स्टाफ से जटिल ऑपरेशनों के सफल निष्पादन तथा शल्य चिकित्सा के बाद मरीजों की देखभाल के संबंध में चर्चा की। उन्होंने पोस्ट-ऑपरेटिव केयर को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक सुझाव भी दिए।
ऑपरेशन थिएटर परिसर के निरीक्षण के बाद महाप्रबंधक ने अस्पताल के इमरजेंसी विभाग और गहन चिकित्सा इकाई (ICU) का दौरा किया। यहां उन्होंने क्रिटिकल केयर यूनिट में जीवन रक्षक उपकरणों की उपलब्धता और आपातकालीन मामलों में त्वरित प्रतिक्रिया समय का आकलन किया। इसके साथ ही अस्पताल के इन-पेशेंट विभाग (IPD) और आउट-पेशेंट विभाग (OPD) के सामान्य एवं विशेष वार्डों का निरीक्षण किया।
वार्डों में भर्ती मरीजों से सीधे बातचीत कर महाप्रबंधक ने उनके स्वास्थ्य, भोजन व्यवस्था और उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं के बारे में फीडबैक लिया। इस दौरान मरीजों को मिल रही सेवाओं और उनकी आवश्यकताओं से जुड़े पहलुओं की जानकारी प्राप्त की गई।
महाप्रबंधक ने औषधि भंडार और डिजिटल सेवाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने डिजिटल पर्चे जारी करने की व्यवस्था, दवा वितरण काउंटरों तथा जीवन रक्षक दवाओं के स्टॉक और उपलब्धता का जायजा लिया। अस्पताल में मरीजों को दवाएं उपलब्ध कराने और चिकित्सा संबंधी प्रक्रियाओं को सुविधाजनक बनाने से जुड़ी व्यवस्थाएं भी निरीक्षण के दायरे में रहीं।
निरीक्षण के बाद आयोजित समीक्षा बैठक में महाप्रबंधक पंकज शर्मा ने उत्तर पश्चिम रेलवे की स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा, "उत्तर पश्चिम रेलवे अपने कर्मचारियों, सेवानिवृत्त रेलकर्मियों और उनके परिजनों को त्वरित, पारदर्शी और विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। केंद्रीय चिकित्सालय को नवीनतम तकनीक, आधुनिक शल्य चिकित्सा उपकरणों तथा विशेषज्ञ सुविधाओं से निरंतर सुसज्जित किया जा रहा है।"
उन्होंने अस्पताल प्रशासन को मरीजों की सुविधा के लिए सिंगल-विंडो हेल्पडेस्क को मजबूत करने, ओपीडी में प्रतीक्षा समय न्यूनतम रखने और स्वच्छता मानकों को सर्वोच्च स्तर पर बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए। इन निर्देशों के माध्यम से मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं और अस्पताल की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया।
निरीक्षण के दौरान प्रमुख मुख्य चिकित्सा निदेशक डॉ. लक्ष्मी मीणा और चिकित्सा निदेशक डॉ. संजय कुमार साहा ने महाप्रबंधक को अस्पताल की उपलब्धियों, नई शल्य चिकित्सा तकनीकों को अपनाने और आगामी विस्तार योजनाओं की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। जयपुर स्थित उत्तर पश्चिम रेलवे केंद्रीय चिकित्सालय के इस निरीक्षण में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं, आपातकालीन तैयारियों, संक्रमण नियंत्रण और मरीजों की देखभाल की समीक्षा के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया।

