एकीकृत स्कूली शिक्षा में राजस्थान देश में अव्वल: नीति आयोग की रिपोर्ट
नीति आयोग के अनुसार राजस्थान में देश के 35 प्रतिशत एकीकृत विद्यालय संचालित हैं, जहाँ कक्षा 1 से 12वीं तक की पढ़ाई एक ही परिसर में होती है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान आज देश के शैक्षणिक मानचित्र पर एक नई ऊंचाइयों को छू रहा है, जिसकी पुष्टि नीति आयोग की नवीनतम रिपोर्ट ने भी कर दी है। नीति आयोग द्वारा जारी ‘स्कूल एजुकेशन सिस्टम इन इंडिया-टेम्पोरल एनालिसिस एण्ड पॉलिसी रौडमेप फॉर क्वालिटी इन्हेंसमेंट’ रिपोर्ट में राजस्थान के सकारात्मक शैक्षणिक परिदृश्य को विशेष रूप से रेखांकित किया गया है। इस रिपोर्ट के अनुसार, कक्षा 1 से 12 तक की एकीकृत शिक्षा एक ही स्थान पर उपलब्ध करवाने के मामले में राजस्थान संपूर्ण देश में अव्वल राज्य बनकर उभरा है। प्रदेश की इस उपलब्धि का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भारत में संचालित 1 से 12वीं तक के हर तीसरे एकीकृत विद्यालय का संचालन अकेले राजस्थान में हो रहा है, जो राष्ट्रीय स्तर पर सर्वाधिक 35 प्रतिशत की विशाल हिस्सेदारी को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री जनसम्पर्क प्रकोष्ठ से प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजस्थान देश का एकमात्र ऐसा प्रदेश है जहां विद्यार्थियों को प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर की शिक्षा एक ही परिसर में सुलभ हो रही है। रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2024-25 में जहां पूरे देश में मात्र 5.4 प्रतिशत विद्यालयों में ही कक्षा 1 से 12 तक की एकीकृत शिक्षा सीमित रही, वहीं राजस्थान ने इस क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रदर्शन किया है। वर्तमान में प्रदेश के कुल 27 हजार 889 विद्यालय एकीकृत रूप से चारों स्तरों की शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। नीति आयोग ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि अन्य राज्यों में प्राथमिक से उच्च माध्यमिक तक के एकीकृत विद्यालयों की कमी के कारण विद्यार्थियों को बार-बार नए संस्थानों में प्रवेश की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है, जिससे ड्रॉप आउट की आशंका प्रबल रहती है। इसके विपरीत, राजस्थान में विकसित हुए इस मजबूत नेटवर्क के कारण ड्रॉप आउट में कमी आई है और शैक्षणिक संकेतकों में निरंतर अपेक्षित सुधार दर्ज किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल मार्गदर्शन में राजस्थान आज शैक्षणिक उपलब्धियों के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित हो चुका है। राज्य सरकार द्वारा शैक्षणिक संस्थानों के निरंतर विकास, विस्तार और उन्नयन की दिशा में उठाए गए कदमों ने विद्यार्थियों के लिए एक उत्कृष्ट शैक्षिक वातावरण तैयार किया है। राजस्थान का यह मॉडल न केवल प्रदेश के भविष्य को संवार रहा है, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के क्षेत्र में अन्य राज्यों के लिए एक अनुकरणीय रोडमेप भी प्रस्तुत कर रहा है। नीति आयोग की यह रिपोर्ट प्रदेश की सुदृढ़ शिक्षा नीति और प्रशासनिक दूरदर्शिता का ही परिणाम है, जो आने वाले समय में राजस्थान को शिक्षा के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने में सहायक सिद्ध होगी।

Pratahkal Bureau
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