नई दिल्ली में राष्ट्रपति भवन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की शासी परिषद की 11वीं बैठक में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य के विकास का व्यापक रोडमैप ‘विकसित राजस्थान-2047’ प्रस्तुत किया। इस दौरान उन्होंने राज्य की विकास यात्रा, वर्तमान उपलब्धियों और भविष्य की कार्ययोजना को विस्तार से साझा करते हुए कहा कि राजस्थान विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की प्राप्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री की ‘गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति’ की भावना के अनुरूप नीतियां लागू कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य की 63 प्रतिशत युवा आबादी को विकास का केंद्र बनाते हुए उन्हें रोजगार और नवाचार से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए ‘माय भारत’ अभियान को राजस्थान में व्यापक समर्थन मिला है, जिसके तहत राज्य में 18 लाख से अधिक युवाओं का पंजीकरण हो चुका है।

औद्योगिक और निवेश विकास पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए 35 से अधिक नई नीतियां लागू की गई हैं। अब तक 35 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं धरातल पर उतर चुकी हैं। उन्होंने यह भी बताया कि 9 एमएमटीपीए क्षमता की आधुनिक रिफाइनरी राज्य के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। राज्य सरकार ने वर्ष 2029 तक राजस्थान को 350 बिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा है।

कृषि क्षेत्र की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 2.19 करोड़ बीमा पॉलिसियां जारी की गई हैं। वहीं पीएम-कुसुम योजना के तहत 723 मेगावाट क्षमता की 496 सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित कर राजस्थान ने राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी स्थान हासिल किया है। उन्होंने कहा कि मरुस्थलीय जिलों में कृषि विविधीकरण के चलते उत्पादन और किसानों की आय में वृद्धि दर्ज की गई है।

महिला सशक्तीकरण को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने कहा कि ‘लखपति दीदी’ और ‘ड्रोन दीदी’ जैसी योजनाओं से महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। पोषण और मातृ स्वास्थ्य योजनाओं में भी राजस्थान ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है, जिसमें प्रधानमंत्री पोषण योजना में राज्य लगातार दो वर्षों से देश में प्रथम स्थान पर रहा है।

सुशासन और प्रशासनिक सुधारों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार के ‘प्रगति’ मॉडल से प्रेरित होकर राज्य में ‘राज उन्नति’ प्लेटफॉर्म शुरू किया गया है, जिसके तहत 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक की 42 परियोजनाओं की समीक्षा की जा चुकी है। जन शिकायतों के समाधान के लिए ‘संपर्क पोर्टल’ की औसत निस्तारण अवधि 28 दिन से घटकर 14 दिन हो गई है और 98 प्रतिशत से अधिक शिकायतों का समाधान किया जा रहा है।

उन्होंने ग्राम विकास और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े प्रयासों का भी उल्लेख किया। राज्य में ग्राम विकास चौपालों के माध्यम से ग्रामीणों से सीधे संवाद किया जा रहा है, जबकि ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत अब तक लगभग 20 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं। जल संरक्षण अभियानों से कई क्षेत्रों में भूजल स्तर में सुधार दर्ज किया गया है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान युवा शक्ति, महिला सशक्तीकरण, हरित ऊर्जा, कृषि समृद्धि और सुशासन के समन्वित मॉडल के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि ‘विकसित राजस्थान-2047’ का लक्ष्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पूर्ण रूप से साकार होगा और राज्य विकसित भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएगा।

Pratahkal Bureau

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