एनएफआर ने यात्रियों और कर्मचारियों के लिए सुरक्षित व स्वच्छ पेयजल सुनिश्चित करने के अभियान को तेज करते हुए अपने सभी स्टेशनों और रेल परिसरों में पानी की गुणवत्ता की सघन निगरानी शुरू की है। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे द्वारा यात्रियों के उपयोग वाले स्थानों से नियमित रूप से पेयजल के नमूने लिए जा रहे हैं और तय सुरक्षा मानकों के अनुपालन के लिए उनकी भौतिक, रासायनिक और बैक्टीरियोलॉजिकल जांच की जा रही है।

मालीगांव, 23 सितंबर 2026। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) ने यात्रियों और अपने कर्मचारियों की सेहत, सुरक्षा और भलाई को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्टेशनों और रेल परिसरों में पानी की गुणवत्ता की निगरानी का अभियान चलाया है। इसी निरंतर पहल के तहत हाल ही में गुवाहाटी और कामाख्या स्टेशनों से पानी के नमूने लेकर उनकी जांच की गई। जांच में महत्वपूर्ण भौतिक और रासायनिक मानकों को शामिल किया गया।

हाल ही में चलाए गए अभियान के दौरान गुवाहाटी स्टेशन के प्रतीक्षालय से लिए गए पानी के नमूने की पीएच, गंदगी, कुल कठोरता, नाइट्रेट, आयरन, अवशिष्ट मुक्त क्लोरीन, क्लोराइड, क्षारीयता, फ्लोराइड और कैल्शियम के लिए जांच की गई। प्रत्येक मानक पानी की गुणवत्ता और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है। पीएच रासायनिक संतुलन और स्वीकार्यता को दर्शाता है, जबकि गंदगी पानी में मौजूद घुली अशुद्धियों की स्थिति बताती है। कठोरता और कैल्शियम से खनिजों की मात्रा का पता चलता है।

नाइट्रेट और आयरन की मात्रा की निगरानी पानी से होने वाले हानिकारक प्रभावों और स्वास्थ्य जोखिमों से बचाव के लिए की जाती है। क्लोराइड और क्षारीयता पानी के स्वाद और उसकी स्थिरता को प्रभावित करते हैं। निर्धारित सीमा के भीतर फ्लोराइड दांतों के स्वास्थ्य के लिए उपयोगी होता है, जबकि उचित मात्रा में अवशिष्ट मुक्त क्लोरीन पानी से होने वाले संक्रमण के खिलाफ प्रभावी शुद्धिकरण की पुष्टि करता है। गुवाहाटी स्टेशन के नमूनों की रिपोर्ट में सभी मानक निर्धारित सीमाओं के अनुरूप पाए गए।

कामाख्या स्टेशन पर फ़िल्टर किए गए पानी के दो नमूनों की भी जांच की गई। इनमें एक नमूना प्लेटफॉर्म संख्या एक के वैट संख्या 3 से और दूसरा प्लेटफॉर्म संख्या 2 और 3 के वैट संख्या 2 से लिया गया। इन नमूनों की जांच भी उन्हीं मानकों के आधार पर की गई, जिनके आधार पर गुवाहाटी स्टेशन के पानी की जांच हुई थी। उपलब्ध भौतिक-रासायनिक परिणाम संबंधित रिपोर्ट में निर्धारित सीमाओं के भीतर पाए गए।

कामाख्या स्टेशन के पानी की सूक्ष्मजीवविज्ञानी गुणवत्ता का आकलन करने के लिए बैक्टीरियोलॉजिकल जांच भी की गई। इसका उद्देश्य सूक्ष्मजीवों से होने वाली गंदगी का पता लगाना और पानी से होने वाली बीमारियों से सुरक्षा का आकलन करना था।

एनएफआर द्वारा पानी की टंकियों की नियमित सफाई के साथ वॉटर कूलरों, पाइपलाइनों, नलों और जलापूर्ति से जुड़ी अन्य व्यवस्थाओं के रखरखाव का कार्य भी किया जा रहा है। जहां भी किसी प्रकार की कमी सामने आती है, वहां तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाते हैं।

यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए एनएफआर एहतियाती तौर पर नियमित रूप से पानी के नमूने एकत्र करने, प्रयोगशाला में उनकी जांच करने और अवशिष्ट क्लोरीन की निगरानी का कार्य करता है। इन गहन अभियानों से पानी की गुणवत्ता में समय रहते होने वाले बदलावों की पहचान करने और तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करने में मदद मिलती है। इससे पूरे नेटवर्क में स्वच्छ, साफ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के एनएफआर के संकल्प को मजबूती मिलती है।

कपिंजल किशोर शर्मा, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी

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