नई दिल्ली: भारतीय रेलवे के कर्मयोगियों का सम्मान, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव सौंपेंगे 70वाँ अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार
नई दिल्ली के यशोभूमि में आयोजित होने वाले भव्य समारोह में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव 100 रेलकर्मियों को 70वें अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार 2025 से सम्मानित करेंगे। समारोह में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले 26 रेलवे जोन को शील्ड दी जाएगी। इसमें नवाचार, सुरक्षा और वीरता दिखाने वाले सतीश कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति रहेगी। भारतीय रेलवे की उत्कृष्टता को समर्पित इस खबर की विस्तृत रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।

नई दिल्ली। भारतीय रेलवे के इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है जब देश की जीवनरेखा कहे जाने वाले इस संगठन के 100 सबसे समर्पित प्रहरियों को उनकी अटूट कर्तव्यनिष्ठा के लिए सम्मानित किया जाएगा। आगामी 9 जनवरी, 2026 को राजधानी दिल्ली के द्वारका स्थित भव्य इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन एंड एक्सपो सेंटर (यशोभूमि) में आयोजित होने वाले एक गरिमामय समारोह में रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव 70वें अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार 2025 प्रदान करेंगे। यह आयोजन न केवल व्यक्तिगत उत्कृष्टता का उत्सव है, बल्कि उस सामूहिक संकल्प की भी जीत है जो भारतीय रेलवे को निरंतर आधुनिक और सुरक्षित बना रहा है। इस अवसर पर रेल मंत्री न केवल 100 अधिकारियों और कर्मचारियों को पदक पहनाएंगे, बल्कि प्रदर्शन के विभिन्न मानकों पर खरे उतरने वाले 26 रेलवे जोन को प्रतिष्ठित शील्ड प्रदान कर उनकी संस्थागत सफलता को भी रेखांकित करेंगे।
इस उच्च स्तरीय समारोह की गरिमा को बढ़ाने के लिए रेल एवं जल शक्ति राज्य मंत्री श्री वी. सोमन्ना, रेल एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री श्री रवनीत सिंह और रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री सतीश कुमार विशिष्ट अतिथि के रूप में मंच साझा करेंगे। साथ ही, रेलवे बोर्ड के अन्य वरिष्ठ सदस्य और विभिन्न जोन व उत्पादन इकाइयों के महाप्रबंधक भी इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनेंगे। पुरस्कारों का यह वितरण केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं है, बल्कि उन नवाचारों और वीरता की कहानियों का दस्तावेजीकरण है जिन्होंने पिछले वर्ष रेलवे के परिचालन को नई ऊँचाइयाँ दी हैं। चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और योग्यता को सर्वोपरि रखा गया है, जिसमें नवाचार, सुरक्षा, राजस्व वृद्धि और परियोजनाओं के समयबद्ध समापन जैसे महत्वपूर्ण पैमानों पर 100 विजेताओं को चुना गया है।
नवाचार और कार्यकुशलता की दिशा में कदम बढ़ाते हुए 17 ऐसे दूरदर्शी रेलकर्मियों को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने अपनी मौलिक सोच से संसाधनों के प्रभावी उपयोग और आयात प्रतिस्थापन को बढ़ावा दिया है। वहीं, वीरता की श्रेणी में उन 22 जांबाजों का सम्मान किया जाएगा जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर रेलवे की संपत्ति और यात्रियों के प्राणों की रक्षा की। इसी कड़ी में राजस्व बढ़ाने और टिकट रहित यात्रा जैसी बुराइयों पर लगाम लगाने वाले 14 सतर्क कर्मियों तथा परिचालन एवं रखरखाव में उत्कृष्टता दिखाने वाले 19 अधिकारियों को भी मंच से सराहा जाएगा। इसके अतिरिक्त, बुनियादी ढांचे के विस्तार और जटिल परियोजनाओं को रिकॉर्ड समय में पूरा करने वाले 16 अभियंताओं और अन्य 10 विशिष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को उनकी व्यावसायिक विशेषज्ञता के लिए पुरस्कृत किया जाएगा। खेल के मैदान में तिरंगा फहराने वाले दो उत्कृष्ट खिलाड़ियों को भी इस गौरवशाली सूची में स्थान मिला है।
समारोह में उन कर्मयोगियों के विशेष योगदान की भी चर्चा होगी जिन्होंने महाकुंभ जैसे विश्व के सबसे बड़े मानवीय समागम के दौरान निर्बाध रेल सेवा सुनिश्चित की। 'ऑपरेशन सिंदूर' की विषम परिस्थितियों में अटूट साहस दिखाने वाले अधिकारियों और कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में उन्नत गिट्टी सफाई मशीनों का सफल क्रियान्वयन करने वाली टीम का सम्मान इस बात का प्रमाण है कि भारतीय रेल हर चुनौती से लड़ने के लिए तत्पर है। अंततः, यह पुरस्कार समारोह केवल पदकों का वितरण नहीं है, बल्कि यह उस विश्वास को और सुदृढ़ करता है कि समर्पण और व्यावसायिकता के दम पर भारतीय रेलवे एक सुरक्षित, यात्री-केंद्रित और विश्व स्तरीय परिवहन प्रणाली बनने की दिशा में अग्रसर है।

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