भारतीय रेलवे ने रेल यात्रा को समावेशी और किफायती बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक छलांग लगाई है, जिससे देश के करोड़ों आम यात्रियों के लिए सफर अब पहले से कहीं अधिक सुविधाजनक और सम्मानजनक हो गया है। आधुनिकीकरण की इस लहर में रेलवे ने न केवल बुनियादी ढांचे को सुधारा है, बल्कि रिकॉर्ड संख्या में गैर-एसी डिब्बों के उत्पादन और अत्याधुनिक 'अमृत भारत' सेवाओं के विस्तार से आम आदमी की जरूरतों को केंद्र में रखा है। यह बदलाव केवल पटरियों तक सीमित नहीं है, बल्कि स्टेशनों के पुनर्विकास और सुरक्षा के कड़े मानकों में भी साफ झलकता है, जो रेल यात्रा को एक सुरक्षित और सुखद अनुभव में बदल रहे हैं।

किफायती यात्रा की मांग को पूरा करने के लिए रेलवे ने चालू और आगामी वित्तीय वर्ष के लिए एक व्यापक कोच उत्पादन कार्यक्रम तैयार किया है। चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंत तक 4,838 नए एलएचबी जनरल और गैर-एसी डिब्बों का निर्माण किया जा रहा है, जबकि वर्ष 2026-27 के लिए 4,802 कोचों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यात्री सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सुरक्षा बजट में तीन गुना वृद्धि कर इसे 1,16,470 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आए हैं, जहां ट्रेन दुर्घटनाओं की संख्या में भारी कमी आई है। वर्ष 2014-15 में जो आंकड़ा 135 था, वह नवंबर 2025 तक घटकर मात्र 11 रह गया है। इसके अलावा, कोहरे के दौरान सुरक्षित संचालन के लिए कोहरे से बचाव के उपकरणों की संख्या में भी अभूतपूर्व बढ़ोतरी की गई है।

भीड़ प्रबंधन और यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने नई दिल्ली स्टेशन की तर्ज पर देशभर के 76 प्रमुख स्टेशनों को यात्री प्रतीक्षा क्षेत्रों के विकास के लिए चिन्हित किया है। नई दिल्ली में विकसित आधुनिक प्रतीक्षा क्षेत्र में 7,000 यात्रियों के ठहरने की क्षमता है, जिसे 2026 के त्योहारी सीजन तक अन्य शहरों में भी विस्तारित किया जाएगा। विशेष रूप से, त्योहारी सीजन के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वर्ष 2025 में रिकॉर्ड 43,000 से अधिक विशेष ट्रेनें चलाई गईं, जिनमें महाकुंभ, होली, दीपावली और छठ पूजा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए थे। टिकटिंग प्रणाली की शुचिता बनाए रखने के लिए रेलवे ने आधार सत्यापन अनिवार्य किया है और अब तक लगभग 5.73 करोड़ संदिग्ध खातों को निष्क्रिय किया जा चुका है, ताकि वास्तविक यात्रियों को ही टिकट उपलब्ध हो सकें।

क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और किफायती प्रीमियम यात्रा को बढ़ावा देते हुए अब तक 30 अमृत भारत ट्रेनें पटरियों पर दौड़ रही हैं। इनमें छपरा-आनंद विहार, मुजफ्फरपुर-चरलापल्ली, उधना-ब्रह्मपुर, मदार जंक्शन-दरभंगा, अमृतसर-सहरसा, इरोड-जोगबनी, गया-दिल्ली, दिल्ली-सीतामढ़ी, राजेंद्र नगर-नई दिल्ली, बापूधाम मोतिहारी-आनंद विहार, दरभंगा-गोमती नगर, मालदा टाउन-गोमती नगर, लोकमान्य तिलक-सहरसा, मालदा टाउन-एसएमवीटी बेंगलुरु और दरभंगा-आनंद विहार जैसी प्रमुख सेवाएं शामिल हैं। इसके साथ ही भुज-अहमदाबाद और जयनगर-पटना के बीच नमो भारत रैपिड रेल सेवाओं ने क्षेत्रीय यात्रा की गति को नया आयाम दिया है। भारतीय रेलवे का यह यात्री-केंद्रित दृष्टिकोण न केवल परिवहन प्रणाली को आधुनिक बना रहा है, बल्कि देश के हर नागरिक के लिए रेल यात्रा को एक भरोसेमंद और सुलभ माध्यम के रूप में स्थापित कर रहा है।

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Pratahkal Bureau

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