जयपुर में सख्त नियम लागू, नकल करने पर 3 साल का बैन
जयपुर जिला प्रशासन ने परीक्षा की शुचिता के लिए गाइडलाइंस जारी कीं; नियमों के उल्लंघन पर परिणाम रद्द और आपराधिक केस दर्ज होगा।

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा आयोजित नीट (यूजी) परीक्षा 2026 की शुचिता, पारदर्शिता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जयपुर जिला प्रशासन ने कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। परीक्षा के किसी भी चरण में अनुचित साधनों के प्रयोग या नियमों के उल्लंघन पर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जयपुर शहर के परीक्षा कोऑर्डिनेटर महिपाल सिंह ने स्पष्ट किया कि परीक्षा से पूर्व, दौरान या पश्चात किसी भी स्तर पर अनुचित साधनों का उपयोग करने वाले अभ्यर्थियों को अनुचित साधनों का प्रयोग (यूएफएम) का दोषी मानते हुए कठोर कार्रवाई की जाएगी। ऐसे अभ्यर्थियों को एनटीए परीक्षाओं से अधिकतम 3 वर्ष तक प्रतिबंधित किया जा सकता है तथा लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 के अंतर्गत आपराधिक कार्यवाही भी की जाएगी।
निर्देशानुसार अनुचित साधनों का प्रयोग करने वाले अभ्यर्थियों का नीट (यूजी)-2026 का परिणाम निरस्त किया जाएगा। इसके अतिरिक्त गलत परीक्षा केंद्र पर परीक्षा देने, अन्य अभ्यर्थी की ओएमआर शीट या प्रश्न पुस्तिका पर लिखने या लिखवाने की स्थिति में भी परिणाम रद्द किया जाएगा।
परीक्षा अधीक्षकों को निर्देशित किया गया है कि अनुचित साधनों के मामलों में दोषी अभ्यर्थी को नई ओएमआर शीट या प्रश्न पुस्तिका प्रदान नहीं की जाएगी और वह उसी ओएमआर शीट पर परीक्षा जारी रखेगा। प्रत्येक घटना की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसमें अभ्यर्थी एवं निरीक्षकों के बयान तथा घटना का समय दर्ज किया जाएगा। यदि अभ्यर्थी बयान देने से मना करता है, तो उसे बाध्य नहीं किया जाएगा और इस तथ्य को रिकॉर्ड किया जाएगा। ओएमआर शीट पर इस संबंध में कोई टिप्पणी अंकित नहीं की जाएगी तथा संपूर्ण रिपोर्ट निर्धारित पीले लिफाफे में सुरक्षित रखी जाएगी।
निरीक्षक एवं अधीक्षक के बयानों में घटना का समय, अनुचित सामग्री का स्रोत, सामग्री जब्त करने वाले अधिकारी के हस्ताक्षर तथा प्रत्येक पृष्ठ पर अधीक्षक के काउंटर सिग्नेचर अनिवार्य रूप से दर्ज किए जाएंगे।
ओएमआर शीट या उत्तर पुस्तिका को परीक्षा केंद्र से बाहर ले जाने के प्रयास की स्थिति में अभ्यर्थी से शीट वापस ली जाएगी। यदि शीट वापस लेने में असफलता होती है, तो तत्काल पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी, जिसकी प्रति एनटीए को भेजी जाएगी और संबंधित निरीक्षकों, अभ्यर्थी एवं अन्य कार्मिकों के बयान संलग्न किए जाएंगे।
प्रतिरूपण के मामलों में नकली अभ्यर्थी को तुरंत पुलिस के हवाले किया जाएगा और एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। वास्तविक और नकली दोनों अभ्यर्थियों के बयान लिए जाएंगे तथा प्रेक्षक को गवाह के रूप में शामिल किया जाएगा।
गंभीर अनुशासनहीनता के मामलों में पुलिस को तत्काल सूचित करना अनिवार्य किया गया है और सभी संबंधित व्यक्तियों के बयान संकलित कर एनटीए को भेजे जाएंगे। परीक्षा अधीक्षक द्वारा किसी भी प्रकार की लापरवाही या कर्तव्य में चूक पाए जाने पर जिला स्तरीय समन्वय समिति द्वारा कठोर कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी। सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा भी परीक्षा की शुचिता बनाए रखने हेतु प्रत्येक स्तर पर सतर्कता बरतने पर बल दिया गया है, जिसके अनुपालन में यह सख्ती लागू की गई है।

Pratahkal Bureau
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