जयपुर: 13 वर्षीय नविका अग्रवाल का पहला उपन्यास 'द मैपमेकर’स हार्ट' लॉन्च
जयपुर की नविका अग्रवाल ने 13 साल की उम्र में अपना पहला फैंटेसी उपन्यास लिखा, जिसका विमोचन लेखिका लक्ष्मी शर्मा और अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा किया गया।

जयपुर की मात्र 13 वर्षीया उदीयमान लेखिका नविका अग्रवाल ने अपने शब्दों के जादू से साहित्य जगत में दस्तक दी है। सोमवार को जयपुर में आयोजित एक गरिमामय समारोह में नविका के प्रथम उपन्यास ‘द मैपमेकर’स हार्ट’ का भव्य लोकार्पण संपन्न हुआ। इस विशेष अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिष्ठित लेखिका लक्ष्मी शर्मा, अंशु हर्ष, याशिका जैन एवं विख्यात आर्किटेक्ट ध्रुव गुप्ता उपस्थित रहे, जिन्होंने नविका की इस साहित्यिक उपलब्धि की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए उनके स्वर्णिम भविष्य की कामना की।
बचपन से ही पुस्तकों के प्रति अगाध प्रेम रखने वाली नविका अग्रवाल ने इस उपन्यास के माध्यम से अपनी सृजनात्मक क्षमता का परिचय दिया है। संगीत, शांत पलों और दैनिक जीवन की सूक्ष्म घटनाओं से प्रेरणा लेने वाली नविका का मानना है कि पठन के माध्यम से वे नवीन संसारों की खोज करती हैं। उनका यह प्रथम उपन्यास साहस, वियोग की संवेदना और कल्पना की असीमित शक्ति का एक रोचक मिश्रण है। इस कृति के माध्यम से लेखिका ने यह संदेश प्रसारित करने का प्रयास किया है कि जीवन के घोर अंधकार में भी आशा और जादुई संभावनाओं की एक किरण सदैव विद्यमान रहती है।
उपन्यास की कथावस्तु मुख्य पात्र लियो डॉसन के इर्द-गिर्द बुनी गई है, जिसे विद्यालय के पुस्तकालय में एक रहस्यमयी मानचित्र प्राप्त होता है। यह नक्शा उसे ‘असंभव स्थानों’ की एक ऐसी तिलिस्मी दुनिया में ले जाता है जहाँ प्रकृति के नियम बदल जाते हैं—नदियाँ विपरीत दिशा में बहती हैं, नगर आकाश में तैरते हैं और मानवीय भय सजीव रूप धारण कर लेते हैं। अपने मित्रों आशा, क्विन और जैक्स के साथ लियो उस मानचित्र के लुप्त अंशों को खोजने के रोमांचक अभियान पर निकलता है, ताकि एक शक्तिशाली कार्टोग्राफर को वास्तविकता बदलने से रोका जा सके। यह यात्रा पाठक को सिखाती है कि मित्रता और साहस किसी भी डर से बड़े होते हैं और वास्तविक मानचित्र हृदय की गहराइयों से निर्मित होते हैं।
समारोह को संबोधित करते हुए लेखिका लक्ष्मी शर्मा ने कहा कि यह फैंटेसी नॉवेला न केवल रोमांचक है, बल्कि आशा और संतुलन का एक सशक्त रूपक भी है। उन्होंने नविका की भाषायी पकड़ की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह पुस्तक सिद्ध करती है कि ‘असंभव’ कोई गंतव्य नहीं बल्कि एक चुनाव है। आर्किटेक्ट ध्रुव गुप्ता ने इसे अत्यंत साहसपूर्ण कार्य बताते हुए कहा कि जहाँ आज की पीढ़ी डिजिटल उपकरणों में व्यस्त है, वहीं नविका ने अपनी वैचारिक परिपक्वता से स्वयं की विशिष्ट पहचान स्थापित की है। अंशु हर्ष ने नविका की लेखनी को भविष्य के साहित्य की एक सशक्त आवाज करार देते हुए उनके अनुशासन और समर्पण को प्रेरणादायी बताया।
लेखिका व ज्वेलरी डिजाइनर याशिका जैन ने भावुक होते हुए साझा किया कि एक वर्ष पूर्व उनकी पुस्तक लॉन्च से प्रेरित होकर नविका ने आज स्वयं को एक लेखिका के रूप में स्थापित कर लिया है। कार्यक्रम के दौरान नविका ने अपनी उपलब्धि का श्रेय निरंतर पठन को दिया; उन्होंने बताया कि बीते एक वर्ष में उन्होंने जीवनी और साहित्य सहित लगभग 85 पुस्तकें पढ़ी हैं। प्रसिद्ध लेखिका चित्रा बनर्जी और ‘द डायरी ऑफ ए यंग गर्ल’ उनकी प्रमुख प्रेरणा रही हैं। यह लोकार्पण समारोह न केवल एक पुस्तक की शुरुआत है, बल्कि युवा मेधा, रचनात्मक संकल्प और सपनों को हकीकत में बदलने का एक जीवंत उदाहरण बनकर उभरा है।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
