राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2026: राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय में समापन समारोह आयोजित
कुलपति प्रो. आनंद भालेराव ने स्वदेशी तकनीक, रक्षा प्रणालियों और चंद्रयान-3 की सफलताओं को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों को वैज्ञानिक नवाचार हेतु प्रेरित किया।

राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय के बाँदरसिंदरी परिसर में आयोजित राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2026 के समापन पर स्मारिका विमोचन करते कुलपति प्रो. आनंद भालेराव और अन्य अतिथि।
अजमेर/बाँदरसिंदरी। राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय में 25 से 28 फरवरी 2026 तक आयोजित राष्ट्रीय विज्ञान दिवस–2026 के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. आनंद भालेराव ने भारत की वैज्ञानिक प्रगति और आत्मनिर्भरता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि "आज राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर केवल हम फार्मूला और लैब का ही नहीं बल्कि पिछले 10 वर्षों का उत्सव मनाते हैं।" उन्होंने गौरव के साथ उल्लेख किया कि 2014 में भारत ने अपने पहले ही प्रयास में मंगल ग्रह पर पहुँचकर विश्व को हैरान कर दिया और 2023 में चंद्रयान–3 ने चाँद के साउथ पोल के पास लैंड कर इतिहास रच दिया, जो पहले किसी अन्य देश ने नहीं किया।
निर्भरता से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता भारत
कुलपति प्रो. आनंद भालेराव ने डिफेंस सेक्टर में हुई प्रगति को रेखांकित करते हुए कहा कि इन्ही वर्षों में भारत ने साइंस के माध्यम से डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन के जरिए स्वदेशी सिस्टम और तेजस फाइटर एयरक्राफ्ट बनाए हैं। "इस प्रकार हम कह सकते हैं कि भारत निर्भरता से आत्मनिर्भरता की ओर, खरीददार से बिल्डर की ओर बढ़ रहा है।" यह उनके संबोधन का मुख्य केंद्र बिंदु रहा।
दैनिक जीवन में विज्ञान और मानवता की सेवा
दैनिक जीवन में विज्ञान की बढ़ती उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कुलपति ने कहा कि विज्ञान के कारण आज किसान अपने मोबाइल पर मौसम की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकता है और एक छोटा दुकानदार भी क्यूआर कोड के माध्यम से भुगतान स्वीकार कर रहा है। कोविड–19 महामारी के दौर को याद करते हुए उन्होंने कहा कि "जब विश्व संघर्ष कर रहा था, तब भारतीय वैज्ञानिकों ने रिकॉर्ड समय में स्वदेशी वैक्सीन विकसित की और 2 अरब से अधिक वैक्सीन डोज़ प्रदान कीं।" यह मानव इतिहास के सबसे बड़े टीकाकरण अभियानों में से एक था। भारत ने 100 से अधिक देशों को वैक्सीन उपलब्ध कराकर मानवता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी सिद्ध की, जो केवल वैज्ञानिक उपलब्धि नहीं बल्कि मानवता की सेवा थी।
स्वतंत्रता पूर्व का योगदान और महान वैज्ञानिकों का स्मरण
प्रो. भालेराव ने स्वतंत्रता पूर्व काल में भारतीय वैज्ञानिकों के योगदान को भी स्मरण किया। उन्होंने कहा कि आजादी से पहले भारतीय वैज्ञानिकों ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य कर भविष्य के वैज्ञानिक विकास की मजबूत नींव रखी। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस भारतीय वैज्ञानिकों के देश के विकास में योगदान को याद करने का अवसर है। उन्होंने विशेष रूप से आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय, नोबेल पुरस्कार विजेता डॉ. चंद्रशेखर रमन तथा 1983 में नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने वाले डॉ. एस. चंद्रशेखर के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि इन महान वैज्ञानिकों का कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक रहा है।
विद्यार्थियों से आह्वान और प्रदर्शनी का आयोजन
संबोधन के अंत में उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि "वे जिज्ञासु बनें, निडर होकर प्रयोग करें और बड़े सपने देखें।" उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जब विश्व भारत को विज्ञान और प्रौद्योगिकी में वैश्विक नेतृत्वकर्ता के रूप में देखेगा, तो वह आज देखे गए सपनों का परिणाम होगा। इस तीन दिवसीय भव्य आयोजन के अंतर्गत विज्ञान विषय से संबंधित विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय में आयोजित साइंस एग्ज़िबिशन का उद्घाटन कुलपति द्वारा किया गया, जिसमें वैज्ञानिकों एवं भारतीय ज्ञान प्रणाली के योगदान को प्रदर्शित करने वाली प्रदर्शनी और वैज्ञानिक पोस्टर मुख्य आकर्षण रहे।
पुरस्कार वितरण एवं स्मारिका विमोचन
इस उत्सव में इमैनुएल पब्लिक स्कूल, सुमंगलम स्कूल, केंद्रीय विद्यालय, राजकीय माध्यमिक विद्यालय बाँदरसिंदरी और विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत आकर्षक मॉडल प्रदर्शित किए गए। इससे पूर्व राष्ट्रीय विज्ञान दिवस–2026 की स्मारिका का विमोचन भी कुलपति प्रो. आनंद भालेराव द्वारा किया गया तथा पिछले दो दिनों की विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम अध्यक्ष सी.सी. मंडल ने स्वागत भाषण दिया तथा धन्यवाद ज्ञापन जयेन्द्र शुक्ला ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
