राष्ट्रीय उर्वरक बिक्री फ्रेमवर्क: जयपुर में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित
प्रमुख शासन सचिव मंजू राजपाल ने उर्वरक वितरण में पारदर्शिता लाने और आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से कालाबाजारी रोकने के लिए डिजिटल सुधारों पर चर्चा की।

जयपुर के पंत कृषि भवन में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान मंच पर (बाएं से दाएं) कृषि एवं उद्यानिकी विभाग की वरिष्ठ अधिकारी, प्रमुख शासन सचिव श्रीमती मंजू राजपाल, कृषि आयुक्त श्री नरेश कुमार गोयल और अन्य अधिकारीगण।
जयपुर, 21 अप्रैल। भारत सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में उर्वरकों की उपलब्धता को अधिक पारदर्शी, संतुलित और किसान-केंद्रित बनाने के संकल्प के साथ "राष्ट्रीय उर्वरक बिक्री फ्रेमवर्क" को धरातल पर उतारा जा रहा है। यह महत्वाकांक्षी फ्रेमवर्क न केवल देशभर में उर्वरकों की बिक्री और वितरण को सुव्यवस्थित करेगा, बल्कि निगरानी तंत्र को भी अभूतपूर्व मजबूती प्रदान करेगा। इसी क्रम में मंगलवार को जयपुर स्थित पंत कृषि भवन के सभा कक्ष में प्रमुख शासन सचिव, कृषि एवं उद्यानिकी, श्रीमती मंजू राजपाल की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई, जिसमें इस डिजिटल सुधार के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
श्रीमती मंजू राजपाल ने बैठक को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि इस नवीन फ्रेमवर्क के अंतर्गत उर्वरक बिक्री की संपूर्ण प्रक्रिया को अत्याधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म से एकीकृत किया जा रहा है। इसका प्राथमिक उद्देश्य प्रत्येक किसान को उसकी भूमि की वास्तविक आवश्यकता के अनुरूप खाद उपलब्ध कराना है। व्यवस्था की शुचिता बनाए रखने हेतु पॉइंट ऑफ सेल (PoS) मशीनों के माध्यम से आधार प्रमाणीकरण को अनिवार्य किया गया है। आधार आधारित इस बिक्री प्रणाली से उर्वरकों की कालाबाजारी और वितरण में होने वाली अनियमितताओं पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सकेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि उर्वरकों का आवंटन अब राज्यों और जिलों की वास्तविक मांग तथा फसलवार विशिष्ट आवश्यकता के वैज्ञानिक आधार पर किया जाएगा, जिससे न केवल समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित होगी बल्कि उर्वरकों के संतुलित उपयोग की प्रवृत्ति को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
प्रशासनिक स्तर पर इस पहल को सफल बनाने हेतु सरकार विभिन्न स्तरों पर व्यापक प्रशिक्षण और प्रचार-प्रसार गतिविधियां संचालित कर रही है ताकि किसानों को इस व्यवस्था के प्रति जागरूक किया जा सके। बैठक में उपस्थित कृषि आयुक्त श्री नरेश कुमार गोयल ने विश्वास जताया कि यह फ्रेमवर्क उर्वरक वितरण प्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता लाने और आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) को सुदृढ़ करने में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि किसानों को उचित मूल्य पर समय पर उर्वरक प्राप्त होने से न केवल उनके आर्थिक हितों की रक्षा होगी, बल्कि उर्वरकों के दुरुपयोग पर रोक लगने से कृषि उत्पादन की गुणवत्ता में भी व्यापक सुधार आएगा। इस महत्वपूर्ण बैठक में विशेषाधिकारी फार्मर रजिस्ट्री, राजफैड, कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण सहित विभिन्न उर्वरक कंपनियों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस वितरण ढांचे को प्रभावी ढंग से लागू करने पर अपनी सहमति व्यक्त की।

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