नाशिक में सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारियों के बीच विकास कार्यों के दौरान नागरिकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। राजीवनगर-कलानगर मार्ग पर सड़क के बीच खोदे गए 12 से 15 फीट गहरे गड्ढे में बाइक समेत गिरने से 61 वर्षीय सेवानिवृत्त उपअभियंता प्रकाश वंडेशकर की मौत हो गई। बुधवार (7 अक्टूबर) की रात हुई इस दुर्घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है। वहीं, नगर निगम प्रशासन और संबंधित ठेकेदार की कार्यप्रणाली को लेकर लोगों में नाराजगी है।

प्रकाश वंडेशकर सिंचाई विभाग के पूर्व उपअभियंता थे। मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार रात वह अपनी बाइक से कलानगर की ओर से राजीवनगर जा रहे थे। इसी मार्ग पर सड़क और ड्रेनेज का काम करने के लिए करीब 12 से 15 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया था। रात के अंधेरे में गड्ढे का अंदाजा नहीं लगने के कारण उनकी बाइक सीधे उसमें जा गिरी। हादसे में उनके सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं, जिससे उनकी मौत हो गई।

सड़क के बीच इतने गहरे गड्ढे की मौजूदगी के बावजूद वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर, चेतावनी बोर्ड और रोशनी की व्यवस्था थी या नहीं, इस पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, रात के समय गड्ढा स्पष्ट दिखाई नहीं देता था, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ गया था। विशेष बात यह है कि हादसे के बाद घटनास्थल पर सुरक्षा व्यवस्था करने का काम शुरू होने की जानकारी सामने आई है।

इस घटना के बाद नागरिकों ने सवाल उठाया है कि हादसा होने से पहले सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं किए गए। क्या किसी व्यक्ति की जान जाने के बाद ही प्रशासन को सुरक्षा उपायों की याद आती है? दुर्घटना के बाद उठ रहे इन सवालों ने सड़क निर्माण और बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्यों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

घटना के बाद संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। भाजपा के गुटनेता एडवोकेट श्याम बडोदे के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने नगर निगम आयुक्त मनीषा खत्री से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि निर्माण स्थल पर आवश्यक सुरक्षा उपाय किए गए थे या नहीं, इसकी जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। संबंधित ठेकेदार के खिलाफ सदोष मनुष्यवध यानी लापरवाही से मौत का मामला दर्ज करने की मांग भी की गई है।

इस बीच, नगर निगम के शहर अभियंता संजय अग्रवाल ने दावा किया कि घटनास्थल पर आवश्यक सुरक्षा उपाय किए गए थे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी कर इस मामले में जवाब मांगा जाएगा।

नाशिक में आगामी सिंहस्थ कुंभ मेले की पृष्ठभूमि में विभिन्न विकास कार्य चल रहे हैं। ऐसे में सड़क खोदकर किए जा रहे निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षित यातायात व्यवस्था, स्पष्ट चेतावनी बोर्ड, मजबूत बैरिकेडिंग और रात में पर्याप्त रोशनी सुनिश्चित करना जरूरी है। निर्माण कार्य जारी रहने के दौरान नागरिक सुरक्षित तरीके से आवागमन कर सकें, इसकी जिम्मेदारी संबंधित एजेंसियों और ठेकेदारों की है। सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की कमी सामने आने पर निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

प्रकाश वंडेशकर की मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि विकास कार्यों के दौरान नागरिकों की सुरक्षा को कितनी प्राथमिकता दी जा रही है। अब संबंधित ठेकेदार को नोटिस देने की घोषणा और दोषियों पर कार्रवाई की मांग के बीच इस दुर्घटना में सुरक्षा इंतजामों की वास्तविक स्थिति की जांच महत्वपूर्ण होगी।

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