मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को ऐतिहासिक बताया, संसद और विधानसभा में महिलाओं की 33 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित होगी।

राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में पारित 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' को एक ऐतिहासिक और युगांतरकारी कदम बताते हुए कहा कि इससे लोकतंत्र में महिलाओं की सहभागिता अभूतपूर्व रूप से बढ़ेगी। जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में आयोजित 'नारी शक्ति वंदन सम्मेलन' को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस अधिनियम के माध्यम से संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण प्राप्त होगा, जिससे शिक्षा, सुरक्षा और नीति निर्धारण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में मातृशक्ति की सीधी भागीदारी सुनिश्चित होगी। मुख्यमंत्री ने विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि में महिलाओं के योगदान को रेखांकित करते हुए प्रदेश की समस्त महिलाओं से इस अधिनियम के समर्थन में मोबाइल नम्बर 9667173333 पर मिस्ड कॉल करने का आह्वान किया।

समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने सनातन संस्कृति का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारा समाज और राष्ट्र तभी प्रगति के पथ पर अग्रसर हो सकता है जब महिलाएं हर क्षेत्र में समान रूप से सहभागी बनें। उन्होंने गौरव के साथ कहा कि आज की नारी घर की चौखट तक सीमित न रहकर स्टार्टअप, शिक्षा, खेल, पुलिस और विज्ञान जैसे जटिल क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन की प्रशंसा करते हुए श्री शर्मा ने बताया कि वर्ष 2014 के पश्चात जन धन योजना, नमो ड्रोन दीदी और लखपति दीदी जैसी योजनाओं ने नारी शक्ति को राष्ट्र की प्रगति का मुख्य आधार बना दिया है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान से लिंगानुपात में सुधार और स्वच्छ भारत मिशन के तहत निर्मित शौचालयों से महिलाओं की गरिमा सुरक्षित हुई है, वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना में मकानों का आवंटन महिलाओं के नाम पर कर उन्हें आर्थिक रूप से सुदृढ़ किया गया है।

राज्य सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने साझा किया कि राजस्थान में 20 लाख से अधिक महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर 16 लाख से अधिक 'लखपति दीदी' बनाई गई हैं। लाडो प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत 6 लाख 50 हजार से अधिक बालिकाओं को लाभान्वित किया गया है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की राशि को 5 हजार से बढ़ाकर 6 हजार 500 रुपये करने और 'मा वाउचर योजना' के माध्यम से 4 लाख गर्भवती महिलाओं को निःशुल्क सोनोग्राफी की सुविधा देने जैसे ठोस कदम उठाए गए हैं। सुरक्षा के मोर्चे पर सरकार ने 600 कालिका पेट्रोलिंग यूनिट और 65 एंटी रोमियो स्क्वॉड का गठन किया है, जिससे महिला अपराधों में भारी कमी आई है। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना में 1000 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी, नि:शुल्क यात्रा सुविधा, गार्गी पुरस्कार और स्कूटी वितरण जैसी योजनाएं बालिकाओं के शैक्षणिक उत्थान में सहायक सिद्ध हो रही हैं।

युवाओं के भविष्य पर चर्चा करते हुए श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि नई युवा नीति और मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के माध्यम से सरकार युवाओं को 'रोजगार प्रदाता' बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। सरकार का लक्ष्य सरकारी क्षेत्र में 4 लाख और निजी क्षेत्र में 6 लाख रोजगार सृजित करना है, जिसके क्रम में 1 लाख 25 हजार नियुक्तियां दी जा चुकी हैं और इतनी ही नई भर्तियों का मार्ग प्रशस्त किया गया है। राइजिंग राजस्थान इंवेस्टमेंट समिट भी इसी दिशा में एक बड़ा प्रयास है। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री श्रीमती दिया कुमारी ने इस अधिनियम को स्वतंत्रता के पश्चात की सबसे बड़ी सामाजिक क्रांति करार देते हुए कहा कि अब नीतियों में महिलाओं के दृष्टिकोण को प्राथमिकता मिलेगी। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने सिग्नेचर वॉल पर हस्ताक्षर कर अभियान को समर्थन दिया और छात्राओं के साथ सेल्फी ली। इस अवसर पर राज्य मंत्री श्रीमती मंजू बाघमार, सांसद श्रीमती मंजू शर्मा और शासन सचिव श्रीमती पूनम सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्ध महिलाएं और छात्र उपस्थित रहे।

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