नरी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को नीति निर्माता बनाने की दिशा में बड़ा कदम: मंजू शर्मा
सांसद मंजू शर्मा ने लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण को विकसित भारत 2047 के संकल्प की सिद्धि और महिला सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक बताया।

भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 एक ऐसे युग की दस्तक है, जो महिलाओं को नीति के केवल उपभोगकर्ता से बदलकर उन्हें नीति निर्धारण की मुख्य भूमिका में स्थापित करेगा। जयपुर शहर सांसद मंजू शर्मा ने भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए इस संवैधानिक संशोधन को देश के लोकतांत्रिक सफर का ऐतिहासिक मील का पत्थर करार दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अधिनियम न केवल महिलाओं को सशक्त करेगा, बल्कि उन्हें शासन की मुख्यधारा में लाकर राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया को एक नई और समावेशी दिशा प्रदान करेगा।
सांसद मंजू शर्मा ने प्रेस को संबोधित करते हुए विस्तार से बताया कि सितंबर 2023 में पारित यह ऐतिहासिक संशोधन लोकसभा, राज्य विधानसभाओं और दिल्ली विधानसभा में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटों का आरक्षण सुनिश्चित करता है। यह कदम देश के समग्र विकास को नई गति देने वाला है, क्योंकि जब महिलाएं नेतृत्व की भूमिका में आती हैं, तो शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षा, जल और स्वच्छता जैसे बुनियादी और मानवीय सरोकार शासन की प्राथमिकताओं में शीर्ष पर आ जाते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' से लेकर 'सुकन्या समृद्धि' और 'मातृ वंदना योजना' तक, हर प्रयास ने महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से सुदृढ़ किया है।
सांख्यिकीय आंकड़ों के साथ अपनी बात पुख्ता करते हुए भाजपा सांसद ने जानकारी दी कि मोदी सरकार की नीतियों के कारण माध्यमिक स्तर पर लड़कियों का नामांकन 80.2 प्रतिशत तक पहुंच गया है। सुकन्या समृद्धि योजना के 4.6 करोड़ खाते, मातृ वंदना योजना से 4.27 करोड़ महिलाओं को मिली पोषण सहायता और मुद्रा योजना के 68 प्रतिशत ऋणों का महिलाओं को मिलना इस परिवर्तनकारी दौर के जीवंत प्रमाण हैं। साथ ही, उज्ज्वला योजना के 10 करोड़ गैस कनेक्शन और जल जीवन मिशन के तहत 14.45 करोड़ घरों तक पानी पहुंचाने जैसे कार्यों ने महिलाओं के समय, स्वास्थ्य और सम्मान की रक्षा की है। 26 सप्ताह का विस्तारित मातृत्व अवकाश और 32 करोड़ महिलाओं का बैंकिंग प्रणाली से जुड़ना उनके आर्थिक सशक्तिकरण की गाथा लिख रहा है।
सांसद मंजू शर्मा ने इस बात पर विशेष बल दिया कि पंचायतों में 46 प्रतिशत महिला प्रतिनिधित्व ने पहले ही उनकी नेतृत्व क्षमता को सिद्ध कर दिया है। अब लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण मिलने से भारतीय लोकतंत्र अधिक संतुलित और प्रभावी बनेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 'विकसित भारत 2047' के संकल्प को साकार करने में महिला नेतृत्व आधारित विकास सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह अधिनियम केवल एक कानून नहीं, बल्कि नारी शक्ति के सामर्थ्य को राष्ट्र की सर्वोच्च संस्थाओं में स्थापित करने का एक संकल्प है, जो भारत को वैश्विक ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

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