नारायणा हॉस्पिटल जयपुर में युवा के दोनों हिप्स की एक साथ सफल सर्जरी
एवास्कुलर नेक्रोसिस से पीड़ित 28 वर्षीय मरीज का 'वन स्टेज बाइलेटरल टोटल हिप रिप्लेसमेंट' कर डॉक्टरों ने दिया नया जीवन।

जयपुर के नारायणा हॉस्पिटल के सीनियर कंसलटेंट (ऑर्थोपेडिक्स एंड जॉइंट रिप्लेसमेंट) डॉ. हेमेंद्र कुमार अग्रवाल, जिन्होंने अपनी टीम के साथ 28 वर्षीय युवक के दोनों हिप्स की एक साथ सफल रिप्लेसमेंट सर्जरी की।
जयपुर। चिकित्सा जगत में अपनी उन्नत तकनीकों और असाधारण विशेषज्ञता के लिए विख्यात नारायणा हॉस्पिटल, जयपुर ने एक बार फिर सफलता का नया कीर्तिमान स्थापित किया है। अस्पताल के ऑर्थोपेडिक्स एवं जॉइंट रिप्लेसमेंट विभाग की विशेषज्ञ टीम ने एक 28 वर्षीय युवक के दोनों हिप्स का एक ही जटिल सर्जरी में सफल टोटल हिप रिप्लेसमेंट कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। पीड़ित मरीज गंभीर एवास्कुलर नेक्रोसिस (AVN) नामक बीमारी से ग्रसित था, जिसके घातक प्रभाव के कारण उसके दोनों हिप जॉइंट पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुके थे।
यह युवा मरीज लंबे समय से अपने दोनों हिप्स में असहनीय व तेज दर्द, चलने-फिरने में अत्यधिक कठिनाई और अपनी दोनों जांघों को पर्याप्त रूप से फैलाने में असमर्थता जैसी गंभीर शारीरिक समस्याओं से निरंतर जूझ रहा था। इस बीमारी के कारण न केवल उसकी सामान्य गतिशीलता और दैनिक जीवन पूरी तरह प्रभावित हो रहा था, बल्कि उसे अपनी बुनियादी ग्रोइन हाइजीन (निजी स्वच्छता) बनाए रखने में भी अत्यंत गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। मरीज की बेहद कम उम्र और उसकी शारीरिक स्थिति की गंभीरता को प्राथमिकता देते हुए नारायणा हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने पारंपरिक रूप से की जाने वाली दो चरणों वाली लंबी सर्जरी के बजाय एक ही समय में दोनों हिप्स का रिप्लेसमेंट करने का अत्यंत साहसिक एवं सटीक निर्णय लिया।
सामान्यतः चिकित्सा पद्धतियों में इस तरह के गंभीर मामलों के दौरान पहले एक हिप का रिप्लेसमेंट किया जाता है और उसके कुछ महीनों के अंतराल के बाद दूसरा हिप बदला जाता है। इस पारंपरिक प्रक्रिया में मरीज को लगभग 6 से 8 महीने तक बेहद लंबे इलाज, अत्यधिक मानसिक तनाव और धीमी रिकवरी के दौर से गुजरना पड़ता है। लेकिन नारायणा हॉस्पिटल की कुशल विशेषज्ञ टीम ने इस परिपाटी को बदलते हुए 'वन स्टेज बाइलेटरल टोटल हिप रिप्लेसमेंट' प्रक्रिया को अंजाम दिया, जिससे मरीज को लंबे समय तक चलने वाली शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना से एक ही बार में स्थायी राहत मिल सकी।
इस बेहद जटिल सर्जरी के सफलतापूर्वक संपन्न होने के तुरंत बाद मरीज के त्वरित सुधार के लिए एक विशेष फिजियोथेरेपी प्रोटोकॉल तैयार किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य मरीज के दोनों पैरों पर वजन का संतुलन पूरी तरह से और सही तरीके से सुचारू रूप से बनाना था। यह संपूर्ण रिहैबिलिटेशन (पुनर्वास) प्रक्रिया अस्पताल के अनुभवी विशेषज्ञों की कड़ी और निरंतर निगरानी में संचालित की गई। इस उच्च स्तरीय विशेषज्ञ फिजियोथेरेपी और शुरुआती प्रभावी रिहैबिलिटेशन की मदद से मरीज महज 6 से 8 सप्ताह के भीतर ही अपने सामान्य जीवन में पूरी तरह लौट आया।
इस ऐतिहासिक चिकित्सा उपलब्धि पर अपनी महत्वपूर्ण तकनीकी प्रतिक्रिया देते हुए नारायणा हॉस्पिटल, जयपुर के सीनियर कंसलटेंट - ऑर्थोपेडिक्स एंड जॉइंट रिप्लेसमेंट, Dr. Hemendra Kumar Agrawal ने कहा कि AVN जैसी घातक बीमारी युवा मरीजों के जीवन की गुणवत्ता को बहुत गंभीर रूप से प्रभावित कर देती है। ऐसी स्थिति में मरीज को लगातार असहनीय दर्द, चलने में कठिनाई और अपने रोजमर्रा के सामान्य कामों को करने में भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। यदि हम दो अलग-अलग चरणों में यह सर्जरी करते तो मरीज को लंबे समय तक यह तकलीफ झेलनी पड़ती। इसीलिए हमने एक ही सर्जरी में दोनों हिप बदलने का निर्णय लिया, जिससे मरीज को तत्काल राहत मिली और वह बेहतर रिकवरी के साथ ठीक हो सका।
अस्पताल की इस बड़ी सफलता पर गौरव व्यक्त करते हुए नारायणा हॉस्पिटल, जयपुर के डायरेक्टर Mr. Balwinder Singh Walia ने स्पष्ट किया कि नारायणा हॉस्पिटल जयपुर में हम बेहद जटिल से जटिल सर्जिकल प्रक्रियाओं को आधुनिकतम चिकित्सा तकनीक और अनुभवी विशेषज्ञों की मदद से पूरी तरह सफलतापूर्वक पूरा कर रहे हैं। यह अद्वितीय सफलता हमारी बेहतरीन टीमवर्क, एडवांस इंफ्रास्ट्रक्चर और पूरी तरह से मरीज केंद्रित उपचार पद्धति को सशक्त रूप से दर्शाती है।
सर्जरी के दौरान क्रिटिकल एनेस्थीसिया प्रबंधन और मरीज की संपूर्ण सुरक्षा को कड़ाई से सुनिश्चित करने में मुख्य भूमिका निभाने वाले नारायणा हॉस्पिटल, जयपुर के क्लीनिकल डायरेक्टर एवं एचओडी - कार्डिएक एनेस्थीसियोलॉजी, Dr. Pradeep Kumar Goyal ने इस प्रक्रिया के तकनीकी पहलुओं को साझा करते हुए कहा कि दोनों हिप का एक साथ रिप्लेसमेंट करना चिकित्सा क्षेत्र की एक बेहद चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया होती है। इसमें सर्जरी के दौरान मरीज की क्लिनिकल स्थिति को लगातार स्थिर बनाए रखना सबसे अधिक जरूरी होता है। हमारी टीम ने पूरी सर्जरी और पोस्ट ऑपरेटिव केयर के दौरान मरीज की बेहद बारीकी से मॉनिटरिंग की, जिसके परिणामस्वरूप यह पूरी प्रक्रिया अत्यंत सुरक्षित और सफल रही।
जयपुर में संपन्न हुई यह सफल एवं ऐतिहासिक सर्जरी देश के उन तमाम युवा मरीजों के लिए उम्मीद की एक नई किरण बनकर सामने आई है, जो गंभीर हिप समस्याओं से पीड़ित हैं और किसी लंबी व जटिल सर्जिकल प्रक्रिया के डर से अपना इलाज कराने में लगातार देरी करते हैं।
उल्लेखनीय है कि Narayana Health भारत के प्रमुख और सबसे प्रतिष्ठित हेल्थकेयर नेटवर्क्स में से एक है, जो अपनी मल्टी सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सेवाओं, अत्याधुनिक तकनीकों और विश्वस्तरीय अनुभवी चिकित्सा विशेषज्ञों के माध्यम से देश भर में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहा है। नारायणा हॉस्पिटल, जयपुर क्षेत्र के मरीजों को उन्नत, सुरक्षित और अंतरराष्ट्रीय स्तर का उपचार उपलब्ध कराने के लिए सदैव प्रतिबद्ध है।

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