नाहरगढ़ जैविक उद्यान: राजस्थान की पहली टाइगर सफारी में व्हाइट टाइगर 'भीम' और 'स्कंधी' का रोमांच
जयपुर के नाहरगढ़ जैविक उद्यान में राजस्थान की पहली व्हाइट टाइगर सफारी पर्यटकों के लिए रोमांच का नया केंद्र बनी है। भीम और स्कंधी की अठखेलियों को देखने के लिए उमड़ा पर्यटकों का सैलाब, जानें इस अनूठी सफारी और वन्यजीव प्रबंधन की पूरी जानकारी।

जयपुर के नाहरगढ़ जैविक उद्यान में सफारी का आनंद लेने के लिए कतार में खड़े बड़ी संख्या में पर्यटक, जहां पर्यटकों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
राजधानी जयपुर स्थित नाहरगढ़ जैविक उद्यान इन दिनों वन्यजीव प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। रविवार को यहाँ पर्यटकों का भारी सैलाब उमड़ा, जहाँ कुल 5,324 सैलानियों ने प्रकृति की गोद में वन्यजीवों का दीदार किया। इस दौरान उद्यान में संचालित लायन और टाइगर सफारी पर्यटकों के लिए रोमांच का मुख्य केंद्र रहीं, जिसमें 261 से 277 पर्यटकों ने विशेष सफारी का आनंद लिया। इस सफारी की सबसे बड़ी विशेषता राजस्थान की पहली व्हाइट टाइगर सफारी का अनुभव है, जहाँ पर्यटकों ने व्हाइट टाइगर 'भीम' और उनकी गोल्डन बाघिन बहन 'स्कंधी' की अठखेलियों को साक्षात देखा।
बाघों की गर्जना और शेरों की शाही मौजूदगी ने पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उप वन संरक्षक विजयपाल सिंह के निर्देशन में पर्यटकों की सुरक्षा और प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। एसीएफ देवेंद्र सिंह राठौड़ और रेंजर शुभम शर्मा ने रविवार को सफारी की सघन मॉनिटरिंग की, ताकि पर्यटकों को टिकटिंग, वाहन सुविधा और सफाई व्यवस्था में कोई असुविधा न हो। एसीएफ देवेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि भीम और स्कंधी को अब टाइगर सफारी में शिफ्ट किया गया है, जहाँ उन्हें पर्यटकों के दर्शनार्थ अलग-अलग समय पर छोड़ा जा रहा है। वन विभाग के कुशल प्रबंधन और सतत निगरानी के चलते नाहरगढ़ जैविक उद्यान आज प्रदेश के सबसे लोकप्रिय वन्यजीव पर्यटन स्थलों में शुमार हो गया है, जो पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ पर्यटकों को एक शिक्षाप्रद और रोमांचक अनुभव प्रदान कर रहा है। इस व्यवस्था को सुचारू बनाने में टूरिज्म मैनेजमेंट टीम के विभिन्न सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

