नाहरगढ़ जैविक उद्यान: इसी सप्ताह टाइगर सफारी में दिखेंगे सफेद बाघ भीम और गोल्डन स्कंधी
जयपुर के नाहरगढ़ जैविक उद्यान में उमड़ी 1516 पर्यटकों की भीड़, लायन और टाइगर सफारी के साथ अब दुर्लभ सफेद बाघ और गोल्डन बाघिन का दीदार कर सकेंगे सैलानी।

राजधानी जयपुर के नाहरगढ़ जैविक उद्यान में रविवार को पर्यटकों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा, जहां सुहावने मौसम और अवकाश के उत्साह ने प्रकृति प्रेमियों को वन्यजीवों के संसार से रूबरू होने का सुनहरा अवसर प्रदान किया। जयपुर जिला प्रेस नोट संख्या-3 के अनुसार, कुल 1516 सैलानियों ने उद्यान का भ्रमण कर वन्यजीवों का करीब से अवलोकन किया। इस दौरान लायन सफारी और टाइगर सफारी आकर्षण का मुख्य केंद्र रहीं, जहाँ 151-151 पर्यटकों ने सफारी के माध्यम से शेर की शाही ठाठ और बाघ की गर्जना का रोमांचक अनुभव साझा किया। शहर के मध्य स्थित यह प्राकृतिक संगम न केवल स्थानीय निवासियों बल्कि बाहरी पर्यटकों के लिए भी पारिवारिक सैर और रोमांच का अनूठा ठिकाना बन गया है।
प्रशासनिक स्तर पर उप वन संरक्षक विजयपाल सिंह के कुशल निर्देशन में पर्यटकों की सुरक्षा एवं सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। एसीएफ देवेंद्र सिंह राठौड़ और रेंजर शुभम शर्मा ने रविवार को सफारियों की सघन मॉनिटरिंग कर व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद किया। देवेंद्र सिंह राठौड़ की देखरेख में टूरिज्म मैनेजमेंट टीम द्वारा भीड़ नियंत्रण, सुलभ टिकटिंग, वाहन सुविधा और स्वच्छता प्रबंधन के प्रभावी कार्य किए गए। एसीएफ राठौड़ ने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि अब सफेद बाघ 'भीम' और गोल्डन बाघिन 'स्कंधी' को टाइगर सफारी में शिफ्ट कर दिया गया है। पूर्व में उद्यान तक सीमित रहने वाले ये दोनों दुर्लभ वन्यजीव इसी सप्ताह से टाइगर सफारी में पर्यटकों के दीदार हेतु छोड़े जाएंगे, जिससे सफारी का रोमांच और अधिक बढ़ जाएगा।
वन विभाग की सतत निगरानी और उत्कृष्ट प्रबंधन के चलते नाहरगढ़ जैविक उद्यान वर्तमान में राज्य के सर्वाधिक लोकप्रिय वन्यजीव स्थलों में शुमार हो चुका है। व्यवस्थाओं को सुचारू बनाने में प्रदीप सैनी, राजाराम मीणा, विजेंद्र चौधरी, दलीप सिंह शेखावत, कैलाश चन्द्र, सरिता चौधरी, बसंती गुर्जर, विमला मीना, हंसा कुमारी, उमेश वसिष्ठ, संतोष मौर्या, छोटी मीना, रामलाल सैनी, बनवारी लाल शर्मा, गिरवर सिंह, सुरेश चंद मीना और भंवर सिंह आमला ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया। यह उद्यान न केवल मनोरंजन का केंद्र है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और शिक्षा की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण स्तंभ बनकर उभरा है, जो आने वाले समय में पर्यटन जगत में नए कीर्तिमान स्थापित करने की ओर अग्रसर है।

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