राजस्थान की नागौर जिला पुलिस ने कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले अपराधियों के खिलाफ महज कुछ ही घंटों के भीतर दो बड़ी और सनसनीखेज कार्रवाइयों को अंजाम देकर अपराधियों में खौफ पैदा कर दिया है। पुलिस ने त्वरित एवं बेहद प्रभावी कदम उठाते हुए जहां एक ओर ड्यूटी पर तैनात यातायात पुलिसकर्मी का अपहरण कर उसके साथ मारपीट व राजकार्य में बाधा पहुंचाने वाले दो आरोपियों को सलाखों के पीछे धकेल दिया है, वहीं दूसरी ओर जेएसडब्ल्यू (JSW) सीमेंट कंपनी के सुरक्षा गार्डों पर सरेआम फायरिंग कर दहशत फैलाने वाले तीन मुख्य आरोपियों को महज 4 घंटे के भीतर दबोच लिया है। पुलिस टीमों ने इन दोनों मामलों में कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ-साथ तीन विधि से संघर्षरत किशोरों (बाल अपचारियों) को भी डिटेन किया है।

यातायातकर्मी के साथ दुस्साहस और मारपीट की पहली घटना नागौर के कोतवाली थाना क्षेत्र की है, जहां खाकी को सरेआम निशाना बनाया गया। यातायात थाना नागौर में तैनात हेड कांस्टेबल कैलाश ईनाणियां गांधी चौक पर मुस्तैदी से यातायात व्यवस्था संभाल रहे थे, तभी उन्होंने काले शीशे और लोहे के अवैध बंपर लगी एक संदिग्ध पिकअप को रुकवाकर उसके दस्तावेज मांगे। पुलिस को देखकर भड़के पिकअप चालक और उसके साथी ने दुस्साहस की सारी हदें पार करते हुए हेड कांस्टेबल कैलाश को जबरन पिकअप में बंधक बना लिया और वाहन को तेज गति से बीकानेर रोड की ओर भगा ले गए। बदमाशों ने रास्ते में पुलिसकर्मी के साथ न केवल बेरहमी से मारपीट की, बल्कि उनके हाथ और कलाई पर दांतों से काटकर गंभीर चोटें पहुंचाईं और फरार हो गए।

इस सनसनीखेज वारदात की रिपोर्ट दर्ज होते ही पुलिस महकमा हरकत में आया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नागौर आशाराम चौधरी के निर्देशन तथा वृत्ताधिकारी नागौर जतिन जैन के सुपरविजन में थाना कोतवाली प्रभारी वेदपाल शिवराण के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने बिजली जैसी फुर्ती दिखाते हुए त्वरित घेराबंदी की और वारदात को अंजाम देने वाले दोनों शातिर आरोपियों देवेंद्रनाथ पुत्र भंवरनाथ सिद्ध तथा गणेशनाथ पुत्र तारानाथ सिद्ध, निवासी उपनी, डूंगरगढ़ (बीकानेर) को दबोच लिया, साथ ही वारदात में इस्तेमाल की गई पिकअप गाड़ी को भी मौके से जब्त कर लिया।

पुलिस की दूसरी बड़ी और त्वरित कार्रवाई रोल थाना क्षेत्र में देखने को मिली, जहां जेएसडब्ल्यू सीमेंट कंपनी के माइनिंग एरिया में अंधाधुंध फायरिंग की वारदात से हड़कंप मच गया था। बीती 31 मई की रात को कंपनी के सुरक्षा गार्ड माइनिंग क्षेत्र में मुस्तैदी से पेट्रोलिंग कर रहे थे, तभी अचानक वहां पहुंचे हथियारबंद बदमाशों ने कंपनी के काम को ठप करने और दहशत फैलाने के इरादे से सुरक्षा गार्डों पर सीधे गोलियां दाग दीं। इस जानलेवा गोलीबारी में सुरक्षा गार्ड बाल-बाल बच गए, लेकिन गोलियां लगने से कंपनी के वाहन को भारी नुकसान पहुंचा।

इस दुस्साहसिक हमले की सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशाराम चौधरी के कुशल निर्देशन तथा प्रोबेशनर आरपीएस एवं वृत्ताधिकारी जायल विनोद कुमार के सुपरविजन में थाना रोल प्रभारी उर्जाराम एवं थाना जायल पुलिस की संयुक्त टीमों ने मोर्चा संभाला। पुलिस की संयुक्त टीमों ने चौतरफा घेराबंदी और तकनीकी इनपुट के आधार पर महज चार घंटे के रिकॉर्ड समय में मुख्य आरोपी प्रहलाद मेघवाल पुत्र नेमाराम, रामप्रसाद पुत्र नेमाराम और अशोक भाम्बू पुत्र भूरा राम निवासी सरासनी को दबोच लिया, जबकि उनके साथ शामिल तीन विधि से संघर्षरत किशोरों को भी निरुद्ध किया।

इन दोनों ही मामलों में नागौर पुलिस द्वारा की गई त्वरित, सटीक और प्रभावी कानूनी कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि जिले में अपराधियों और कानून को हाथ में लेने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। वर्तमान में पुलिस पकड़े गए आरोपियों से वारदात में प्रयुक्त अवैध हथियारों और अन्य वाहनों की बरामदगी के लिए कड़ाई से पूछताछ कर रही है, साथ ही इन वारदातों में शामिल अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी गहनता से जांच की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क को नेस्तनाबूद किया जा सके।

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