जयपुर, 06 अक्टूबर। नगर निगम जयपुर ने अवैध विज्ञापनों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में अब तक 3 हजार से अधिक अवैध होर्डिंग, बैनर, कॉमर्शियल विज्ञापन, यूनिपोल और गैन्ट्री के विरुद्ध कार्रवाई की है। नगर निगम आयुक्त श्री ओम कसेरा के निर्देशानुसार उपायुक्त (राजस्व) प्रथम के नेतृत्व में 17 सितम्बर 2026 से नगर निगम जयपुर के सभी जोन कार्यालयों द्वारा यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

अभियान के तहत नगर निगम जयपुर के सभी जोन और नगर निगम मुख्यालय की होर्डिंग शाखा की कुल 12 टीमें लगातार अवैध कॉमर्शियल विज्ञापन, होर्डिंग, यूनिपोल, गैन्ट्री आदि को प्रतिदिन हटाने की कार्रवाई कर रही हैं।

उपायुक्त (राजस्व प्रथम) श्री नवीन भारद्वाज ने बताया कि अभियान की लगातार प्रतिदिन मॉनिटरिंग की जा रही है। अभियान के तहत अब तक सभी जोन क्षेत्रों में 1300 से अधिक अवैध कॉमर्शियल विज्ञापन, 1500 से अधिक अवैध होर्डिंग, 122 अवैध यूनिपोल तथा 34 गैन्ट्री हटाई गई हैं। अवैध विज्ञापन हटाने के साथ-साथ दोषियों के विरुद्ध 148 नोटिस भी जारी किए गए हैं। इसके तहत अवैध विज्ञापनकर्ताओं से 46 लाख 88 हजार 974 रुपये की क्षतिपूर्ति राशि वसूल की गई है।

उपायुक्त श्री नवीन भारद्वाज ने बताया कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि विज्ञापन उपविधि 2008 के अंतर्गत नगर निगम की अनुमति के बिना कोई भी व्यक्ति, संस्था या विभाग नगर निगम सीमा क्षेत्र में अपने भवनों पर विज्ञापन नहीं कर सकेगा। अभियान के तहत सभी जोन क्षेत्रों में अवैध रूप से संचालित चल विज्ञापन वाहनों को भी जब्त कर पेनल्टी लगाई गई है।

आयुक्त ने बताया कि जिन भवनों अथवा दीवारों पर अवैध रूप से विज्ञापन लगाए गए हैं, उनके भवन मालिकों से नियमानुसार क्षतिपूर्ति राशि की वसूली की जाएगी। साथ ही जिन उत्पादों के अवैध विज्ञापन गैन्ट्री, यूनिपोल अथवा पोल क्रियोस्क पर पाए जाएंगे, उनके उत्पाद निर्माताओं को भी नोटिस जारी किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि अवैध विज्ञापन के कारण नगर निगम के राजस्व को होने वाले नुकसान की स्थिति में संबंधित के विरुद्ध पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाने की कार्रवाई भी की जा सकती है।

आयुक्त ने सभी फर्मों एवं संस्थाओं से अपील की है कि वे अपने विज्ञापन नगर निगम जयपुर से अधिकृत वेंडरों के माध्यम से ही प्रदर्शित करवाएं। अनाधिकृत व्यक्तियों अथवा संस्थाओं के माध्यम से विज्ञापन करवाए जाने पर नियमानुसार सीजर एवं अन्य कार्रवाई की जा सकती है। नगर निगम जयपुर द्वारा अवैध विज्ञापनों के विरुद्ध यह अभियान लगातार जारी रहेगा।

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