मुरलीपुरा जोन के वार्ड नंबर 10 स्थित जमना पुरी कॉलोनी में होम कंपोस्टिंग को बढ़ावा देने हेतु विशेष अभियान चलाया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से क्षेत्र के निवासियों को घर पर ही गीले कचरे से खाद बनाने की विधि समझाई गई।


कचरा प्रबंधन एवं पृथकीकरण

  • रसोई से निकलने वाले जैविक कचरे को अलग एकत्रित करने के लिए प्रेरित किया गया।
  • "गीला एवं सूखा कचरा पृथक-पृथक रखने के महत्व पर जोर दिया गया।"
  • प्रत्येक घर में दो डस्टबिन रखने की आवश्यकता बताई गई।

तकनीकी जानकारी एवं प्रशिक्षण

अभियान के दौरान स्वच्छता मित्रों द्वारा डेमो के माध्यम से प्रक्रिया समझाई गई। नागरिकों को कम्पोस्ट पिट एवं कम्पोस्ट बिन के उपयोग की जानकारी दी गई और निवासियों के प्रश्नों का समाधान किया गया।


होम कंपोस्टिंग के लाभ एवं पर्यावरण संरक्षण

  • नागरिकों को बताया गया कि इससे कचरे की मात्रा कम होती है।
  • "जैविक खाद से पौधों की वृद्धि बेहतर होती है, यह भी समझाया गया।"
  • स्थानीय पार्कों एवं घरों में बनी खाद के उपयोग के लाभ बताए गए।
  • पर्यावरण संरक्षण में होम कंपोस्टिंग की भूमिका पर प्रकाश डाला गया।

स्वच्छ सर्वेक्षण और जन संकल्प

स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के तहत होम कंपोस्टिंग को महत्वपूर्ण पहल बताया गया। अंत में, नागरिकों से नियमित रूप से जैविक खाद तैयार करने की अपील की गई और सभी से सहयोग लेकर क्षेत्र को स्वच्छ एवं हरित बनाने का संकल्प लिया गया।

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