मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में मुकुंदरा टनल से संबंधित कार्यों की समीक्षा की। बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि 8 किलोमीटर से अधिक लंबी मुकुंदरा टनल में सुरक्षा के साथ-साथ सभी तकनीकी और पर्यावरणीय मानकों की पूर्ण पालना सुनिश्चित करते हुए निर्माण कार्य को अतिशीघ्र पूरा किया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग एवं एक्सप्रेस-वे देश की अवसंरचनात्मक विकास और आर्थिक प्रगति का आधार हैं और प्रदेश में इनका गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निर्माण 'डबल इंजन सरकार' की शीर्ष प्राथमिकता है, ताकि आमजन को सुरक्षित और सुगम यातायात के साथ ही बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिल सके।

मुख्यमंत्री ने दिल्ली-वडोदरा एक्सप्रेस-वे के लंबित कार्यों को भी जल्द से जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए और यात्री सुविधाओं को अधिक सुदृढ़ एवं आधुनिक बनाने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि यह परियोजना प्रदेश के विकास को नई दिशा प्रदान करेगी। एक्सप्रेस-वे पर यात्री सुविधाओं के तहत हर 25 किलोमीटर की दूरी पर रेस्टोरेंट्स, पार्किंग, आराम गृह, फूड कोर्ट और पेट्रोल पंप जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। मुकुंदरा टनल निर्माण में पर्यावरण और जैव विविधता संरक्षण का विशेष ध्यान रखा गया है, जिसके तहत एनिमल ओवर पास का निर्माण करने के साथ ही सौंदर्यीकरण के लिए पौधे भी लगाए गए हैं।

सड़क सुरक्षा पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए कड़े कदम उठाने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, तकनीक आधारित ऑनलाइन चालान प्रणाली को और प्रभावी बनाने और चालान राशि की समयबद्ध वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस उच्चस्तरीय बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित मुख्यमंत्री कार्यालय, वित्त विभाग, सार्वजनिक निर्माण विभाग तथा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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