मुख्यमंत्री युवा सुयोग लॉन्च: खेल, कौशल और रोजगार से जुड़ेंगे युवा, पंचायत-वार्ड तक बनेगा नेतृत्व
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर में मुख्यमंत्री युवा सुयोग का शुभारंभ किया। खेल, कौशल विकास, रोजगार और युवा नेतृत्व को जोड़ने वाले इस डिजिटल प्लेटफॉर्म की शुरुआत बगरू विधानसभा क्षेत्र और बारां जिले से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में हुई। जानिए योजना की पूरी रूपरेखा और सरकार की घोषणाएं।

तस्वीर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जयपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान युवाओं से संवाद करते हुए नजर आ रहे हैं।
जयपुर, 21 जुलाई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास पर मुख्यमंत्री युवा सुयोग का शुभारंभ करते हुए प्रदेश के युवाओं को खेल, राष्ट्र निर्माण और कौशल विकास से जोड़ने की दिशा में एक नई पहल की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि युवा सुयोग प्लेटफॉर्म प्रदेश के युवाओं की शक्ति को सामर्थ्य में बदलने के लिए सही दिशा, सही अवसर और सही मंच उपलब्ध कराएगा। क्रिकेट, वॉलीबॉल, कबड्डी और फुटबॉल जैसे सामूहिक खेलों के माध्यम से प्रदेश की प्रत्येक पंचायत और वार्ड में युवा नेतृत्व विकसित होगा, जिससे युवाओं को अपनी प्रतिभा के अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 65 प्रतिशत युवा आबादी के साथ भारत विश्व का सबसे युवा देश है और यही युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने युवा शक्ति को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी देने के उद्देश्य से माय भारत की अभिनव पहल की है। इसी से प्रेरणा लेते हुए राज्य सरकार ने युवा सुयोग जैसे क्रांतिकारी प्लेटफॉर्म की शुरुआत की है। उन्होंने बताया कि इस प्लेटफॉर्म को माय भारत पोर्टल के साथ एकीकृत किया जाएगा, ताकि युवाओं को इसका अधिकतम लाभ मिल सके।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस संकल्प के साथ कार्य कर रही है कि युवाओं को खेलों में लगातार अवसर मिलें और उनकी रुचि विकसित हो। गांवों से लेकर कस्बों तक खेल सुविधाओं और सेवाओं का निरंतर विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विभिन्न विषयों पर युवाओं से संवाद कर उनके सुझावों को बजट में भी शामिल कर रही है। उनके अनुसार सरकार प्रदेश के हर क्षेत्र में कार्य करते हुए युवाओं को सफलता की पहली सीढ़ी से लेकर अंतिम मंजिल तक पूर्ण सहयोग प्रदान कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि युवाओं के सुझावों को आधार बनाकर खेल नीतियां तैयार की जाएं। इसी क्रम में युवा सुयोग के तहत जमीनी स्तर पर प्रतियोगिताओं की शुरुआत होगी। वार्ड और पंचायत स्तर से आगे बढ़कर विजेता टीमें विधानसभा क्षेत्र स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी, जिससे युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। उन्होंने बताया कि युवा सुयोग पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण कर सकेंगे। इसके साथ ही स्कूल, कॉलेज तथा पंचायत और वार्ड स्तर के खेल मैदानों की डिजिटल पहचान भी की जाएगी।
उन्होंने कहा कि युवा सुयोग प्लेटफॉर्म एक डिजिटल क्रांति है, जो प्रदेश के प्रत्येक गांव और प्रत्येक वार्ड के अंतिम पंक्ति के युवाओं की ट्रैकिंग कर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ेगा और इसके माध्यम से व्यापक सामाजिक बदलाव आएगा। उन्होंने बताया कि जिला स्तर पर सुयोग युवा क्लब स्थापित किए जाएंगे, जिनमें सुयोग प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत प्रत्येक युवा सदस्य होगा। ये जिला स्तरीय क्लब ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत स्तर तथा शहरी क्षेत्रों में वार्ड स्तर के युवा क्लबों से जुड़े रहेंगे। उन्होंने कहा कि इसकी शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में बगरू विधानसभा क्षेत्र और बारां जिले से की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा सुयोग के अंतर्गत स्कूलों, कॉलेजों और सामुदायिक केंद्रों पर विशेष पंजीकरण शिविर लगाए जाएंगे। युवाओं की नेतृत्व क्षमता को परखने के लिए स्वच्छता अभियान और डिजिटल साक्षरता जैसे स्वयंसेवक कार्य शिविर भी आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि सुयोग-चर्चा के माध्यम से युवा संवाद, टॉक शो और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए युवा अपनी बात रख सकेंगे।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने युवाओं को सक्षम और सशक्त बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय किए हैं। गत ढाई वर्षों में युवाओं को लगभग 1 लाख 78 हजार से अधिक सरकारी पदों पर नियुक्तियां दी जा चुकी हैं। करीब 1 लाख पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है तथा सवा लाख पदों के लिए भर्ती कैलेंडर जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि इस अवधि में साढ़े चार लाख युवाओं को निजी क्षेत्र में भी रोजगार उपलब्ध कराया गया है। साथ ही, इस दौरान एक भी पेपर लीक नहीं हुआ और सभी भर्ती परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित की गईं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य कौशल नीति-2025 और राजस्थान युवा नीति-2025 लागू की गई है। इसके अलावा साढ़े तीन लाख से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया गया है। मुख्यमंत्री युवा संबल योजना के तहत 4 लाख से अधिक आशार्थियों को 1 हजार 347 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की गई है तथा साढ़े चार हजार से अधिक स्टार्टअप्स का पंजीकरण सहित अनेक परिणामोन्मुखी निर्णय किए गए हैं।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बारां और बगरू के खिलाड़ियों तथा युवाओं से संवाद कर उनके विचार भी जाने। युवाओं ने कहा कि मुख्यमंत्री की इस पहल से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का प्रभावी मंच मिलेगा। साथ ही कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर भी सुलभ होंगे। इस पर मुख्यमंत्री ने युवाओं से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा समाज में स्वास्थ्य जागरूकता के अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि स्थानीय प्रतिभाएं खेल के मैदान में देश और प्रदेश का नाम रोशन करेंगी।
बगरू विधायक डॉ. कैलाश वर्मा ने कहा कि अनुशासित युवा विकसित राजस्थान के उज्ज्वल भविष्य की बुनियाद हैं और युवा हितों की दिशा में युवा सुयोग एक अनुपम पहल है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि युवा सुयोग केवल एक खेल योजना नहीं, बल्कि खेल प्रतिभाओं को प्रभावी मंच उपलब्ध कराने का माध्यम है, जो स्थानीय स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें आगे बढ़ाएगा। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, विधि एवं न्याय मंत्री जोगाराम पटेल, विधायक गोपाल शर्मा, कैलाश वर्मा, अतिरिक्त मुख्य सचिव, युवा मामले एवं खेल प्रवीण गुप्ता सहित बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे। वहीं, बारां विधायक ललित मीणा के नेतृत्व में स्थानीय युवा तथा विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के युवा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े। मुख्यमंत्री युवा सुयोग की शुरुआत के साथ राज्य सरकार ने खेल, कौशल विकास, युवा नेतृत्व और रोजगार को एकीकृत मंच पर लाने की दिशा में अपनी नई पहल का औपचारिक आगाज़ किया।

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