मोजमाबाद: ग्रामीण सेवा शिविर में बरसों पुराना भूमि विवाद सुलझा
ग्राम पंचायत मांगलवाड़ा में अधिकारियों और राजस्व टीम ने आपसी सहमति से कराया भूमि बंटवारा, खातेदारों को मिली राहत।

तस्वीर में ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान मोजमाबाद के अधिकारी और राजस्व टीम के सदस्य ग्रामीणों को भूमि बंटवारे के स्वीकृत दस्तावेज सौंपते हुए नजर आ रहे हैं।
राज्य सरकार द्वारा आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर-2026 आमजन की वर्षों पुरानी समस्याओं के त्वरित एवं पारदर्शी समाधान का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं। इसी क्रम में तहसील मोजमाबाद की ग्राम पंचायत मांगलवाड़ा में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान आपसी सहमति से वर्षों से लंबित भूमि बंटवारे के विवाद का मौके पर ही समाधान कर संबंधित परिवारों को बड़ी राहत प्रदान की गई।
ग्राम पंचायत मांगलवाड़ा निवासी हनुमान, हरिराम, रामेश्वर एवं अन्य खातेदारों के मध्य भूमि बंटवारे का मामला लंबे समय से लंबित था। समस्या के समाधान के लिए सभी पक्षकारों ने ग्रामीण सेवा शिविर में आवेदन प्रस्तुत किया। शिविर में उपखंड अधिकारी मोजमाबाद एवं शिविर प्रभारी के निर्देशन में राजस्व विभाग की टीम ने प्रकरण का मौके पर ही परीक्षण किया।
नायब तहसीलदार, भू-अभिलेख निरीक्षक एवं पटवारी की संयुक्त टीम ने नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करते हुए आपसी सहमति के आधार पर बंटवारे का प्रस्ताव तैयार कर तत्काल स्वीकृत किया। इससे वर्षों से लंबित विवाद का सफलतापूर्वक निस्तारण हो गया।
विवाद का समाधान होने पर सभी खातेदारों एवं उनके परिवारों ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने राज्य सरकार एवं ग्रामीण सेवा शिविर में कार्यरत अधिकारियों का आभार जताते हुए कहा कि शिविर के माध्यम से वर्षों पुरानी समस्या का एक ही दिन में समाधान हो गया। उन्होंने ग्रामीण सेवा शिविरों को आमजन की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी समाधान का सशक्त माध्यम बताया। यह कार्रवाई ग्रामीण सेवा शिविर-2026 की उपयोगिता और प्रशासन की जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण की प्रतिबद्धता का प्रभावी उदाहरण बनकर सामने आई।

