MNIT जयपुर में इंडस्ट्री–इंस्टीट्यूट कॉन्क्लेव: शिक्षा और उद्योग के बीच सहयोग पर चर्चा
राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास और प्रो. एन.पी. पाढ़ी ने अनुसंधान, नवाचार और विकसित भारत के संकल्प के साथ कॉन्क्लेव का उद्घाटन किया।

जयपुर के मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MNIT) में आयोजित इंडस्ट्री–इंस्टीट्यूट कॉन्क्लेव के दौरान मुख्य अतिथि वी. श्रीनिवास, निदेशक प्रो. एन.पी. पाढ़ी और अन्य गणमान्य अतिथि दीप प्रज्वलन करते हुए।
जयपुर के मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MNIT) में हाल ही में इंडस्ट्री–इंस्टीट्यूट कॉन्क्लेव के उद्घाटन समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में शिक्षा, उद्योग और शासन से जुड़े प्रतिष्ठित व्यक्तियों को एक साथ लाया गया, ताकि आपसी सहयोग को मजबूत किया जा सके।
दीप प्रज्वलन और विजनरी संबोधन
सम्मेलन का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन समारोह से हुआ, जिसके पश्चात एमएनआईटी निदेशक प्रो. एन.पी. पाढ़ी ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने सम्मेलन के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए संस्थान की अनुसंधान, नवाचार और प्लेसमेंट के क्षेत्र में उपलब्धियों को रेखांकित किया। राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव और मुख्य अतिथि श्री वी. श्रीनिवास ने MNIT जयपुर की सराहना की और कहा कि "वह उद्योग, शिक्षा और नीति-निर्माण संस्थानों के बीच मजबूत संबंध बनाने का कार्य कर रहा है, जिससे विकसित भारत और विकसित राजस्थान का सपना पूरा हो सके।" इसके बाद बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष आर्किटेक्ट हबीब खान ने संबोधित किया और "नवाचार, अनुसंधान तथा उद्योग-आधारित शिक्षा को जोड़ने पर जोर दिया, ताकि भारत फिर से विश्वगुरु बन सके।" इस सत्र में सम्मेलन की कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया गया तथा कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
प्रयोगशाला से बाजार और कौशल विकास पर गहन मंथन
सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर आयोजित पैनल चर्चाएँ रहीं, जिसमें अनुसंधान को वास्तविक जीवन के अनुप्रयोगों में परिवर्तित करने पर बल दिया गया। “प्रयोगशाला से बाज़ार” पैनल में अनुसंधान के वाणिज्यीकरण, इनक्यूबेशन तथा उद्योग सहयोग पर चर्चा की गई, विशेष रूप से एमएसएमई और स्वदेशी निर्माण पर ध्यान केंद्रित करते हुए। वहीं “पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण के माध्यम से कौशल अंतर को पाटना” पैनल में शिक्षा को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने, इंटर्नशिप, अनुभवात्मक अधिगम और परिणाम-आधारित दृष्टिकोण पर बल दिया गया। साथ ही डिज़ाइन थिंकिंग, संचार, टीमवर्क और वित्तीय साक्षरता जैसे कौशलों के महत्व को भी रेखांकित किया गया।
तकनीकी सत्र और अनुसंधान नवाचार
सम्मेलन के अंतर्गत विभागीय स्तर पर तकनीकी सत्र, अनुसंधान प्रस्तुतियाँ और संवादात्मक चर्चाएँ भी आयोजित की गईं। “पाठ्यक्रम की प्रासंगिकता और आवश्यक अद्यतन” विषय के अंतर्गत विभागों ने पाठ्यक्रम आधुनिकीकरण, अंतर्विषयक अधिगम और उद्योग के साथ सुदृढ़ एकीकरण पर विचार-विमर्श किया। समानांतर रूप से “अनुसंधान और आवश्यक अद्यतन” सत्रों में चल रही परियोजनाओं, नवाचार, पेटेंट और सहयोग पर प्रकाश डाला गया, जिसमें प्रभावी अनुसंधान, बौद्धिक संपदा सृजन और विचारों को स्टार्टअप तथा वास्तविक अनुप्रयोगों में रूपांतरित करने पर जोर दिया गया।
सांस्कृतिक संध्या और भविष्य की सामूहिक प्रतिबद्धता
समापन समारोह में सम्मेलन के दौरान हुए सार्थक विचार-विमर्श और भविष्य के लिए सक्षम प्रतिभा विकसित करने की सामूहिक प्रतिबद्धता को रेखांकित किया गया। सम्मेलन का समापन एक मनमोहक सांस्कृतिक संध्या के साथ हुआ, जिसमें ग्रैमी पुरस्कार विजेता प्रसिद्ध वादक विश्व मोहन भट्ट की मोहक मोहन वीणा प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। अंत में कार्यक्रम के निष्कर्षों पर प्रकाश डाला गया तथा नवाचार को बढ़ावा देने और अकादमिक–उद्योग साझेदारी को सुदृढ़ करने के संकल्प के साथ आयोजन संपन्न हुआ।

Pratahkal Bureau
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