मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, जयपुर के मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान विभाग अर्थशास्त्र विषय में एक दिवसीय पाठ्यक्रम विकास कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य बी.टेक. छात्रों के लिए संचालित अर्थशास्त्र पाठ्यक्रम की समीक्षा करना और उसे अधिक सुदृढ़ बनाना था। कार्यशाला का समन्वयन डॉ. निधि शर्मा ने किया जिसमें आमंत्रित विशेषज्ञों, संकाय सदस्यों और पीएचडी शोधार्थियों ने भाग लेकर बदलती शैक्षणिक तथा औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रम को अद्यतन करने पर विचार-विमर्श किया।

प्रतिष्ठित विशेषज्ञों और उद्योग जगत का संगम

कार्यशाला में प्रतिष्ठित विषय विशेषज्ञ प्रो. विनीश कथूरिया, एसजेएम स्कूल ऑफ मैनेजमेंट, आईआईटी बॉम्बे तथा प्रो. नारायण सेठी, मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान विभाग, एनआईटी राउरकेला ने अपने विचार साझा किए। साथ ही उद्योग विशेषज्ञ डॉ. पल्लवी टाक, हेड–इनसाइट एंड एक्सेलेरेशन, थिंकएग ने भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए। मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान विभाग, एमएनआईटी जयपुर की प्रो. मंजू सिंह ने "अर्थशास्त्र पाठ्यक्रम में उद्योग से जुड़ी प्रासंगिकता और समकालीन आर्थिक दृष्टिकोण को शामिल करने के महत्व पर बल दिया।" ### राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और नए पाठ्यक्रमों का प्रस्ताव

डॉ. दीप्ति शर्मा ने स्नातक स्तर पर संचालित वर्तमान अर्थशास्त्र पाठ्यक्रमों का संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत करते हुए उन्हें राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों के अनुरूप संशोधित करने की आवश्यकता बताई। बैठक में बेसिक इकोनॉमिक्स पाठ्यक्रम में संशोधन, खुले वैकल्पिक विषयों (Open Elective)—इंडियन इकोनॉमी, इकोनॉमिक्स ऑफ वेल-बीइंग और इंडस्ट्रियल इकोनॉमिक्स—की समीक्षा तथा बिहेवियरल इकोनॉमिक्स नामक नए पाठ्यक्रम शुरू करने के प्रस्ताव पर चर्चा की गई। विस्तृत विचार-विमर्श और विशेषज्ञों के सुझावों के बाद संशोधित पाठ्यक्रम को समिति द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई।

कार्यशाला का समापन और आभार प्रदर्शन

कार्यशाला का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें एमएनआईटी जयपुर के निदेशक प्रो. एन. पी. पाढ़ी, मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. नुपुर टंडन, आमंत्रित विशेषज्ञों, संकाय सदस्यों और प्रतिभागियों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया गया। कार्यशाला के सफल आयोजन में सहयोग के लिए विभाग के अर्थशास्त्र के पीएचडी शोधार्थियों की विशेष सराहना की गई।

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