जयपुर में गूँजा सेना का शौर्य: राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने 'नो योर आर्मी' प्रदर्शनी में भारतीय सेना की अदम्य शक्ति को सराहा
जयपुर में 78वें सेना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित 'नो योर आर्मी-2026' प्रदर्शनी में राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने भारतीय सेना के शौर्य और तकनीकी क्षमता की जमकर सराहना की। 'ऑपरेशन सिंदूर' के पराक्रम और स्वदेशी हथियारों के प्रदर्शन के बीच राज्यपाल ने सैनिकों के सम्मान को सामूहिक दायित्व बताते हुए राजकीय कार्यों में उन्हें प्राथमिकता देने का आह्वान किया। भारतीय सेना की शक्ति और गौरव को समर्पित एक विस्तृत रिपोर्ट।

जयपुर, 12 जनवरी। राजस्थान की राजधानी जयपुर के गुलाबी आँगन में आज भारतीय सेना के शौर्य, अदम्य साहस और अत्याधुनिक तकनीकी कौशल का एक ऐसा अनूठा संगम देखने को मिला जिसने हर देशवासी का मस्तक गर्व से ऊँचा कर दिया। 78वें सेना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित विशेष कार्यक्रमों की कड़ी में राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने सोमवार को ‘नो योर आर्मी-2026’ प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस गरिमामयी अवसर पर राज्यपाल ने न केवल सेना की मारक क्षमता को करीब से देखा, बल्कि राष्ट्र की सीमाओं के सजग प्रहरियों के समर्पण और बलिदान को नमन करते हुए उनकी मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में आह्वान किया कि एक सैनिक का सम्मान करना हम सभी का सामूहिक और नैतिक दायित्व है, जिसे पूरी निष्ठा के साथ निभाया जाना चाहिए।
प्रदर्शनी के दौरान सैन्य शक्ति के जीवंत दृश्यों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। राज्यपाल श्री बागडे ने भारतीय सेना की गौरवशाली परंपरा और बलिदान के प्रतीक ’ऑपरेशन सिंदूर’ के प्रदर्शन को विशेष रुचि के साथ देखा। इस अभियान के दौरान पाकिस्तानी सीमाओं के भीतर घुसकर नौ ठिकानों को नेस्तनाबूद करने वाले भारतीय पराक्रम के सजीव चित्रण ने सेना की रणनीतिक श्रेष्ठता को उजागर किया। राज्यपाल ने इस दौरान सेना के अनुशासित डॉग स्क्वाड द्वारा प्रस्तुत किए गए डॉग शो की भी सराहना की, जो सेना की बहुआयामी कार्यक्षमता का प्रमाण था।
संबोधन के दौरान राज्यपाल ने प्रशासनिक और सामाजिक स्तर पर एक महत्वपूर्ण दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि सेना के किसी भी अधिकारी या जवान के कार्यों को राजकीय कार्यालयों और अन्य सभी सार्वजनिक स्थानों पर सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने ‘नो योर आर्मी’ प्रदर्शनी को भारतीय सैन्य संस्कृति का एक उत्कृष्ट प्रदर्शन बताया। श्री बागडे के अनुसार, यह आयोजन आम नागरिकों, विशेषकर युवाओं को भारतीय सेना की शक्ति, अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी और हमारे वीर सपूतों के बलिदान को समझने का एक दुर्लभ अवसर प्रदान करता है।
स्वदेशी तकनीक और आत्मनिर्भरता के प्रति सेना के बढ़ते कदमों की सराहना करते हुए राज्यपाल ने कहा कि प्रदर्शनी में प्रदर्शित हथियार और उपकरण भारत की रक्षा क्षेत्र में बढ़ती स्वावलंबन की शक्ति का प्रमाण हैं। आम नागरिक यहाँ भविष्य की सैन्य चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार रोबोटिक म्युअल, उन्नत मिसाइल प्रणालियाँ, घातक ड्रोन और मार्शल आर्ट्स के प्रदर्शन देखकर सेना की भविष्योन्मुखी सोच से रूबरू हो रहे हैं। यह आयोजन न केवल सेना और जनता के बीच के संबंधों को सुदृढ़ करता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के मन में राष्ट्र सेवा और देशभक्ति का जज्बा भी पैदा करता है, जो अंततः एक सशक्त और सुरक्षित भारत के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा।

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