मेगा कॉरपोरेशन और राजस्थान सरकार के बीच ऐतिहासिक करार, अब सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा डिजिटल वेतन-लिंक्ड लोन का तोहफा
जयपुर में मेगा कॉरपोरेशन और राजस्थान सरकार (RFSDL) के बीच एक बड़ा समझौता हुआ है, जिसके तहत सरकारी कर्मचारियों को 'लेंडिंगो' प्लेटफॉर्म के माध्यम से डिजिटल वेतन-लिंक्ड लोन मिलेगा। कार्यकारी निदेशक कुणाल ललानी ने इसे एक निर्णायक क्षण बताया है। आरबीआई के नियमों के तहत तैयार यह योजना सरकारी तंत्र और फिनटेक के अनूठे मेल को दर्शाती है, जो कर्मचारियों को सुरक्षित और पारदर्शी वित्तीय सहायता प्रदान करेगी।

जयपुर, 21 जनवरी 2026: राजस्थान की राजधानी में आज वित्तीय समावेशन और डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में एक नए युग का सूत्रपात हुआ है। सूचीबद्ध गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) मेगा कॉरपोरेशन लिमिटेड ने राजस्थान सरकार की प्रतिष्ठित इकाई, राजस्थान फाइनेंशियल सर्विसेज डिलीवरी लिमिटेड (RFSDL) के साथ एक निर्णायक और रणनीतिक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। यह साझेदारी न केवल राज्य के पात्र सरकारी कर्मचारियों के लिए वित्तीय सुगमता के द्वार खोलेगी, बल्कि सार्वजनिक क्षेत्र के कल्याण और अत्याधुनिक तकनीक के संगम का एक अनूठा उदाहरण भी पेश करेगी। इस समझौते के केंद्र में एक सुव्यवस्थित 'सैलरी-लिंक्ड डिजिटल एडवांस' कार्यक्रम है, जो कर्मचारियों की अल्पकालिक वित्तीय जरूरतों को पूरी पारदर्शिता के साथ पूरा करने के लिए तैयार किया गया है।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना की कमान संभालते हुए मेगा कॉरपोरेशन ने अपने अत्याधुनिक और स्वामित्व वाले डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म 'लेंडिंगो' (Lendingo) को मैदान में उतारने की घोषणा की है। यह प्लेटफॉर्म कोई साधारण ऋण सुविधा नहीं है, बल्कि इसे राज्य सरकार की वित्तीय और कोषागार (Treasury) प्रणालियों के साथ सीधे तौर पर एकीकृत किया जाएगा। इस एकीकरण का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि ऋण की वसूली सीधे वेतन कटौती के माध्यम से एक संरचित और सुरक्षित तरीके से की जा सकेगी, जिससे चूक की संभावना न्यूनतम हो जाएगी। यह कदम मेगा कॉरपोरेशन के लिए सरकारी वित्तीय अवसंरचना में एक औपचारिक और मजबूत प्रवेश का प्रतीक माना जा रहा है।
इस ऐतिहासिक अवसर की महत्ता को रेखांकित करते हुए मेगा कॉरपोरेशन के कार्यकारी निदेशक कुणाल ललानी ने अपने संबोधन में गहरी प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट किया कि आरएफएसडीएल और राजस्थान सरकार के साथ यह साझेदारी कंपनी के लिए एक 'वॉटरशेड मोमेंट' यानी निर्णायक क्षण है। श्री ललानी ने इस बात पर जोर दिया कि यह समझौता न केवल मेगा कॉरपोरेशन की अनुपालन क्षमता और तकनीकी कौशल पर सरकार के अटूट विश्वास को दर्शाता है, बल्कि सामाजिक रूप से जिम्मेदार और स्केलेबल वित्तीय समाधान विकसित करने की उनकी दीर्घकालिक सोच को भी मजबूती प्रदान करता है। उनके अनुसार, यह पहल विनियमित ऋण व्यवस्था और सार्वजनिक कल्याण के बीच की दूरी को पाटने का काम करेगी।
सुरक्षा और नियमों के मोर्चे पर भी यह योजना अत्यंत सुदृढ़ नजर आती है। पूरा डिजिटल ढांचा भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के कड़े डिजिटल लेंडिंग दिशानिर्देशों और डेटा लोकलाइजेशन के मानदंडों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों को किसी भी आपात स्थिति में बिना किसी जटिल कागजी कार्रवाई के ऋण तक सहज पहुंच प्रदान करना है। पारदर्शिता और ऑडिट-क्षमता के उच्च मानकों को सुनिश्चित करते हुए यह डिजिटल पहल राजस्थान सरकार की तकनीकी प्रगति में एक नया अध्याय जोड़ रही है। भविष्य में यह मॉडल देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरणा बन सकता है, जहां तकनीक के माध्यम से सरकारी कर्मचारियों के वित्तीय स्वास्थ्य को सुरक्षित करने का प्रयास किया गया है।

