जयपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम की 139वीं कड़ी में स्वदेशी उत्पादों, जल संरक्षण, वैज्ञानिक नवाचार और सांस्कृतिक विरासत के जरिए राष्ट्र निर्माण का संदेश सामने आया। भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री एवं प्रदेश प्रभारी संजय भाटिया ने इन विषयों को राष्ट्र निर्माण का आधार बताते हुए कार्यकर्ताओं से प्रधानमंत्री के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।

रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को जयपुर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में ‘मन की बात’ कार्यक्रम का सामूहिक श्रवण किया गया। इस दौरान भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री एवं प्रदेश प्रभारी संजय भाटिया, जयपुर शहर सांसद मंजू शर्मा, प्रदेश कार्यालय प्रभारी मुकेश पारीक सहित पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मीडिया प्रभारी प्रमोद वशिष्ठ, आईटी संयोजक अविनाश जोशी और प्रबुद्धजन प्रकोष्ठ के संयोजक राजेंद्र सिंह शेखावत सहित भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी भाग लिया।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ और संगठन महामंत्री अजेय कुमार सहित पार्टी के अन्य पदाधिकारियों ने विभिन्न बूथों, जिला कार्यालयों और कार्यालयों में कार्यकर्ताओं के साथ ‘मन की बात’ कार्यक्रम का श्रवण किया।

भाजपा प्रदेश प्रभारी संजय भाटिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम देश के सामान्य नागरिकों के परिश्रम, सेवा, समर्पण और नवाचारों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का सशक्त माध्यम है। इस कार्यक्रम के जरिए समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाले व्यक्तियों और सामूहिक प्रयासों को प्रेरणादायी मंच मिलता है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने ‘वोकल फॉर लोकल’ को बढ़ावा देते हुए त्योहारों पर स्थानीय कारीगरों, बुनकरों और स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने का आह्वान किया। खादी की बढ़ती लोकप्रियता, आदिवासी उत्पादों की आकर्षक पैकेजिंग और भारतीय उत्पादों की वैश्विक पहुंच आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूती प्रदान कर रही है।

संजय भाटिया ने कहा कि उत्तराखंड में हेवल नदी के पुनर्जीवन, पंजाब में प्राकृतिक कपास एवं बुनकरी और पूर्वोत्तर में श्रीअन्न की खेती को प्रोत्साहित करने के उदाहरण जनभागीदारी, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने का संदेश देते हैं।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने ‘ई-संजीवनी’ के माध्यम से लगभग 50 करोड़ टेली-कंसल्टेशन, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की भूमिका और आईआईटी मद्रास में मस्तिष्क अनुसंधान जैसी वैज्ञानिक उपलब्धियों का उल्लेख किया। इसके साथ ही युवा स्टार्टअप, अंगदान और आधुनिक तकनीक के महत्व को भी रेखांकित किया गया।

कार्यक्रम में महर्षि वाल्मीकि और स्वतंत्रता सेनानी भाई परमानंद के आदर्शों के माध्यम से सेवा, सामाजिक समरसता और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा पर भी संवाद किया गया। संजय भाटिया ने कार्यकर्ताओं से प्रधानमंत्री के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने तथा स्वदेशी, स्वच्छता, जल संरक्षण और राष्ट्रीय एकता से जुड़े प्रयासों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

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