नई दिल्ली/जयपुर। राजधानी दिल्ली के रेल नेटवर्क को और अधिक आधुनिक और सुरक्षित बनाने की दिशा में उत्तर रेलवे ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। दिल्ली मण्डल के अंतर्गत आने वाले दिल्ली किशनगंज स्टेशन पर न्यू इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग पैनल स्थापित करने हेतु नॉन-इंटरलोकिंग कार्य शुरू किया जा रहा है। रेल संचालन को सुगम और तकनीकी रूप से उन्नत बनाने के उद्देश्य से किए जा रहे इस कार्य का व्यापक असर उत्तर पश्चिम रेलवे से जुड़ी महत्वपूर्ण रेल सेवाओं पर पड़ने वाला है। इस मेगा ब्लॉक के कारण फरवरी और मार्च माह के दौरान यात्रियों को मार्ग परिवर्तन और कुछ प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव न होने जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।

उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री शशि किरण ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि तकनीकी उन्नयन के इस कार्य के चलते कुल पांच प्रमुख रेल सेवाओं के मार्ग में अस्थाई बदलाव किया गया है। रेल प्रशासन द्वारा जारी सूचना के अनुसार, रेवाड़ी से मेरठ छावनी के बीच चलने वाली गाड़ी संख्या 54411 आगामी 23 फरवरी 2026 से 3 मार्च 2026 तक अपने निर्धारित मार्ग के स्थान पर दिल्ली छावनी, पटेलनगर, दिल्ली सराय रोहिल्ला और नई दिल्ली होकर संचालित होगी। मार्ग परिवर्तन के इस निर्णय से यह ट्रेन दयाबस्ती, विवेकानंदपुरी हॉल्ट, दिल्ली किशनगंज और सदर बाजार जैसे स्टेशनों पर अपनी सेवाएं नहीं दे सकेगी, हालांकि यात्रियों की सुविधा हेतु इसका दिल्ली सराय स्टेशन पर ठहराव सुनिश्चित किया गया है।

इसी क्रम में मेरठ छावनी से श्रीगंगानगर की ओर जाने वाली ट्रेन संख्या 14030 भी प्रभावित रहेगी। यह ट्रेन भी फरवरी के अंतिम सप्ताह से मार्च के शुरुआती दिनों तक परिवर्तित मार्ग नई दिल्ली-दिल्ली सराय रोहिल्ला-पटेलनगर-दिल्ली छावनी से होकर गुजरेगी। इस फेरबदल के कारण सदर बाजार और दिल्ली किशनगंज सहित अन्य छोटे स्टेशनों के यात्रियों को दिल्ली सराय रोहिल्ला स्टेशन से अपनी यात्रा का समन्वय करना होगा। लंबी दूरी की ट्रेनों की बात करें तो नांदेड-श्रीगंगानगर एक्सप्रेस (12439 और 12485) को भी ओखला, लाजपत नगर और दिल्ली सफदरजंग के रास्ते चलाया जाएगा, जिससे ये ट्रेनें नई दिल्ली स्टेशन पर नहीं रुकेंगी। उत्तर पूर्व भारत को जोड़ने वाली अगरतला-फिरोजपुर छावनी एक्सप्रेस भी साहिबाबाद और हजरत निजामुद्दीन के परिवर्तित मार्ग से संचालित होगी।

रेलवे प्रशासन का मानना है कि न्यू इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली लागू होने के बाद ट्रेनों की आवाजाही में सटीकता आएगी और मानवीय त्रुटियों की संभावना न्यूनतम हो जाएगी। हालांकि, इस निर्माण अवधि के दौरान यात्रियों को होने वाली असुविधा के लिए खेद प्रकट करते हुए प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा की योजना रेलवे द्वारा जारी संशोधित समय सारणी के अनुसार ही बनाएं। दिल्ली के इस महत्वपूर्ण स्टेशन पर होने वाला यह कार्य न केवल दिल्ली मण्डल बल्कि पूरे उत्तर भारतीय रेल तंत्र की कार्यकुशलता को नई मजबूती प्रदान करेगा।

Pratahkal Bureau

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