राजस्थान में तेल एवं गैस क्षेत्र से जुड़ी रणनीतिक परिसंपत्तियों की सुरक्षा को और अधिक मजबूत करने की दिशा में सोमवार को एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। पुलिस महानिदेशक राजस्थान एवं ऑनशोर सिक्योरिटी कोऑर्डिनेशन कमेटी के अध्यक्ष श्री राजीव कुमार शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में राज्य पुलिस, केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों और देश की प्रमुख ऑयल कंपनियों के प्रतिनिधियों के बीच गहन विचार-विमर्श हुआ। बैठक का उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना और पुलिस व ऑयल कंपनियों के बीच समन्वय को नए स्तर तक ले जाना रहा।

बैठक को संबोधित करते हुए डीजीपी श्री राजीव कुमार शर्मा ने स्पष्ट किया कि तेल और गैस परिसंपत्तियां केवल आर्थिक संसाधन नहीं, बल्कि देश और राज्य की ऊर्जा सुरक्षा का आधार हैं। उन्होंने ऑयल कंपनियों से स्थानीय प्रशासन और पुलिस के साथ निरंतर एवं प्रभावी संवाद बनाए रखने पर जोर दिया। सुरक्षा से जुड़ी किसी भी चुनौती के त्वरित समाधान के लिए रियल-टाइम रिपोर्टिंग को अनिवार्य बताते हुए उन्होंने ऑयल चोरी में संलिप्त अपराधियों का एक मजबूत, अद्यतन डेटाबेस तैयार करने तथा राज्य और देशभर में फैली ऑयल पाइपलाइनों का समग्र सुरक्षा परिदृश्य विकसित करने के निर्देश दिए। साथ ही, बैठक में लिए गए सभी निर्णयों और सुझावों की समयबद्ध अनुपालना सुनिश्चित करने की बात भी कही गई।

डीजी (लॉ एंड ऑर्डर) श्री संजय अग्रवाल ने अपने संबोधन में ऑयल कंपनियों की ओर से सूचनाओं के व्यवस्थित संधारण के लिए एक डिजिटल पोर्टल विकसित करने का सुझाव दिया। उन्होंने उपलब्ध सुरक्षा संसाधनों की मैपिंग और प्रत्येक ऑयल कंपनी के लिए एक राज्य स्तरीय नोडल अधिकारी की नियुक्ति को समय की आवश्यकता बताया, ताकि समन्वय और जवाबदेही दोनों सुनिश्चित की जा सकें।

बैठक के दौरान पावर पॉइंट प्रस्तुतिकरण के माध्यम से वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और ऑयल कंपनियों के प्रतिनिधियों ने विभिन्न सुरक्षा पहलुओं पर विस्तृत जानकारी साझा की। इसमें कंपनियों द्वारा आयोजित मॉक ड्रिल, सजग प्रहरी प्रोत्साहन योजना, पुलिस के साथ संयुक्त पेट्रोलिंग, नाकाबंदी और चेक प्वाइंट्स, नियमित सिक्योरिटी कोऑर्डिनेशन मीटिंग्स, ड्रोन थ्रेट से निपटने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया, नो-ड्रोन ज़ोन की घोषणा तथा राजस्थान ऑनशोर सिक्योरिटी कोऑर्डिनेशन कमेटी के पुनर्गठन जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल रहे।

बैठक के दौरान ऑयल कंपनियों के प्रतिनिधियों ने राजस्थान पुलिस और जिला प्रशासन द्वारा दिए गए सहयोग की सराहना की। विशेष रूप से आईओसीएल और एचपीसीएल ने पाइपलाइन से तेल चोरी की घटनाओं का त्वरित खुलासा कर मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए राजस्थान पुलिस की प्रशंसा की। इस अवसर पर डीजीपी श्री राजीव कुमार शर्मा ने उत्कृष्ट कार्य के लिए कई पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को ऑयल कंपनियों की ओर से प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।

बैठक में ओएनजीसी के कार्यकारी निदेशक एवं ओएससीसी के मुख्य सुरक्षा एवं संयोजक अजय दीक्षित, एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) श्री वी.के. सिंह, एडीजी एसओजी श्री विशाल बंसल, एडीजी एटीएस श्री दिनेश एमएन, एडीजी क्राइम श्री हवासिंह घुमरिया सहित कई आईजीपी और एसपी स्तर के अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा डीजीएच, खान एवं पेट्रोलियम विभाग राजस्थान सरकार, एचपीसीएल, बीपीसीएल, आईओसीएल, गेल, केयर्न वेदांता लिमिटेड, ऑयल इंडिया लिमिटेड तथा विभिन्न खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।

यह बैठक न केवल राज्य में तेल एवं गैस परिसंपत्तियों की सुरक्षा रणनीति को नई दिशा देने वाली साबित हुई, बल्कि पुलिस और ऑयल कंपनियों के बीच मजबूत साझेदारी को भी रेखांकित करती है, जो आने वाले समय में ऊर्जा अवसंरचना की सुरक्षा के लिए निर्णायक भूमिका निभाएगी।

Pratahkal Newsroom

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