पूर्वोत्तर रेलवे के सबसे व्यस्त रूटों में शुमार गोरखपुर-गोंडा रेलखंड पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है। रेलवे प्रशासन ने परिचालन को अधिक सुगम, सुरक्षित और तीव्र बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए बभनान, परसा तिवारी और स्वामी नारायण छपिया स्टेशनों के मध्य अत्याधुनिक ऑटोमैटिक सिग्नल प्रणाली स्थापित करने का निर्णय लिया है। इस तकनीकी अपग्रेडेशन के लिए रेलवे द्वारा नॉन-इंटरलॉकिंग का कार्य किया जा रहा है, जिसके चलते एक विशेष ब्लॉक लिया गया है। इस निर्माण कार्य का सीधा असर लंबी दूरी की ट्रेनों के संचालन पर पड़ा है, जिसमें मदार-दरभंगा अमृत भारत रेलसेवा मुख्य रूप से प्रभावित हुई है।

उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री शशि किरण ने आधिकारिक जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस महत्वपूर्ण तकनीकी सुधार के कारण गाडी संख्या 19623, मदार-दरभंगा अमृत भारत रेलसेवा के समय में परिवर्तन किया गया है। आगामी 23 जनवरी 2026 को मदार से प्रस्थान करने वाली यह ट्रेन अपने निर्धारित समय पर पटरी पर नहीं उतरेगी। रेलवे के आधिकारिक शेड्यूल के अनुसार, यह ट्रेन मदार स्टेशन से अपने नियत समय से 1 घंटे 30 मिनट की देरी से रवाना होगी। तकनीकी कार्यों की अनिवार्यता को देखते हुए रेल प्रशासन ने यह निर्णय लिया है ताकि भविष्य में इस खंड पर ट्रेनों की रफ्तार और सुरक्षा दोनों को सुनिश्चित किया जा सके।

रेलवे का यह ब्लॉक गोरखपुर-गोंडा रेलखंड के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने की एक बड़ी कवायद का हिस्सा है। ऑटोमैटिक सिग्नलिंग प्रणाली लागू होने के बाद इस रूट पर ट्रेनों के बीच का अंतराल कम होगा और देरी की समस्याओं से काफी हद तक निजात मिलेगी। हालांकि, वर्तमान में हो रहे इस बदलाव से दरभंगा की ओर जाने वाले यात्रियों को थोड़ी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले आधिकारिक पूछताछ नंबरों या नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम के माध्यम से ट्रेन की वर्तमान स्थिति की जांच अवश्य कर लें। आधारभूत संरचना में किया जा रहा यह निवेश आने वाले समय में भारतीय रेल की दक्षता में मील का पत्थर साबित होगा।

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