जयपुर। गुलाबी नगरी के हृदय स्थल में आज उत्तर पश्चिम रेलवे के महिला सशक्तिकरण का एक अनूठा और भव्य स्वरूप देखने को मिला। नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्प्लॉइज़ यूनियन (NWREU) जीएलओ शाखा महिला विंग, प्रधान कार्यालय जयपुर के तत्वावधान में आयोजित महिला संगोष्ठी ने न केवल मकर संक्रांति और लोहड़ी की खुशियां साझा कीं, बल्कि भारतीय रेलवे के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए एक वैचारिक क्रांति की अलख भी जगाई। “तिल, गुड़ और अपनों का साथ” थीम पर आधारित इस कार्यक्रम ने यह सिद्ध कर दिया कि उत्सव के आनंद के साथ-साथ अधिकार और कर्तव्य की चेतना ही आज की महिला रेलकर्मियों की वास्तविक शक्ति है।

कार्यक्रम का सफल नेतृत्व श्रीमती मीना सक्सेना, सहायक महामंत्री, एवं श्रीमती विभा तापड़िया, महिला विंग सचिव द्वारा किया गया। अपने संबोधन में श्रीमती मीना सक्सेना ने ओजस्वी स्वर में ऑल इंडिया रेलवेमेंस फेडरेशन और एनडब्ल्यूआरईयू द्वारा बीते वर्ष हासिल की गई ऐतिहासिक उपलब्धियों का विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने रेलवे बोर्ड स्तर पर महिलाओं के अधिकारों और कार्यस्थल पर उनकी सुविधाओं के लिए उठाए गए महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रकाश डालते हुए एक गंभीर चेतावनी भी दी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि आज रेल परिवार एकजुट नहीं हुआ, तो भारतीय रेलवे को निजी हाथों में जाने से रोकना आने वाली पीढ़ियों के लिए असंभव हो जाएगा। उनका यह आह्वान उपस्थित महिलाओं के बीच एकता और संघर्ष की नई ऊर्जा भर गया।

उत्सव की बेला में मनोरंजन का रंग घोलने के लिए श्रीमती पारुल माथुर एवं श्रीमती सोनल माथुर ने विशेष इनडोर खेलों की श्रृंखला आयोजित की। बैलून-बैंगल, योगा गेम, टंग ट्विस्टर, 'इसकी टोपी उसके सिर', गुब्बारा फोड़ और 'जो जीता वही सिकंदर' जैसी प्रतियोगिताओं ने माहौल को उल्लास से सराबोर कर दिया। विजेता प्रतिभागियों के साथ-साथ कार्यक्रम में उपस्थित सभी महिलाओं को प्रोत्साहन पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया, जिससे उनका मनोबल और उत्साह चरम पर रहा।

सांस्कृतिक संध्या की गरिमा श्रीमती चांदनी और श्रीमती दीप्ति माथुर की सुरीली प्रस्तुतियों ने बढ़ाई, जिनके गीतों ने उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। पूरे कार्यक्रम का कुशल और प्रभावी संचालन श्रीमती आरती अग्रवाल द्वारा किया गया। इस भव्य आयोजन की सफलता के पीछे श्रीमती लक्ष्मी धावाजी, श्रीमती जमना कंवर तथा जीएलओ शाखा के समस्त पदाधिकारियों का अनथक परिश्रम और समर्पण रहा। लगभग 100 महिला रेलकर्मियों की उपस्थिति ने न केवल इस आयोजन की शोभा बढ़ाई, बल्कि यह संदेश भी दिया कि जयपुर की रेल महिला विंग अपने अधिकारों और सांस्कृतिक विरासत की रक्षा के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।

Pratahkal Newsroom

Pratahkal Newsroom

प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story