महाराणा प्रताप जयंती पर राज्यपाल का संदेश: वीर शिरोमणि के शौर्य और संघर्ष को किया नमन, देश निर्माण का दिया आह्वान
महाराणा प्रताप जयंती पर राज्यपाल ने वीर शिरोमणि के शौर्य, हल्दीघाटी युद्ध और मेवाड़ संघर्ष को याद करते हुए देश निर्माण का आह्वान किया। संदेश में ऐतिहासिक युद्धों और प्रेरक विरासत का उल्लेख किया गया है, जिसने सभी का ध्यान आकर्षित किया।

मेवाड़ के महान योद्धा महाराणा प्रताप की जयंती (17 जून) के अवसर पर राजस्थान के राज्यपाल Haribhau Bagde ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। इस अवसर पर राज्यपाल ने महाराणा प्रताप के अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति और मातृभूमि के स्वाभिमान के लिए उनके ऐतिहासिक संघर्ष को स्मरण किया।
राज्यपाल ने अपने संदेश में कहा कि हल्दीघाटी का युद्ध भारतीय इतिहास में निर्णायक घटनाओं में से एक रहा है, जिसमें महाराणा प्रताप ने अपने साहस और रणनीति के बल पर मुग़ल सेनाओं को न केवल चुनौती दी, बल्कि उन्हें मेवाड़ से पीछे हटने पर भी विवश किया। उन्होंने आगे कहा कि इसके बाद दिवेर के युद्ध में महाराणा प्रताप की सफल रणनीति के परिणामस्वरूप अकबर की सेना को पराजय का सामना करना पड़ा और उन्हें आत्मसमर्पण के लिए मजबूर होना पड़ा।
अपने संदेश में राज्यपाल ने यह भी उल्लेख किया कि मेवाड़ की स्वतंत्रता के लिए वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप का संघर्ष मातृभूमि के आत्मसम्मान और स्वाभिमान से गहराई से जुड़ा था। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप ने समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर निरंतर संघर्ष किया और जीवनभर मातृभूमि की रक्षा के लिए समर्पित रहे, किंतु कभी भी अपने संकल्प से पीछे नहीं हटे।
राज्यपाल ने अपने संदेश के अंत में महाराणा प्रताप के जीवन और कृतित्व से प्रेरणा लेकर सशक्त, समर्थ और समृद्ध भारत के निर्माण के लिए कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप की वीरता और राष्ट्रनिष्ठा आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत बनी हुई है।

Pratahkal Bureau
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