जयपुर में 2 नवंबर से सजेगा खेलों का महाकुंभ, 50 स्कूलों के 4,000 छात्र दिखाएंगे दमखम
50 स्कूलों के 4,000 छात्र 8 खेलों में लेंगे हिस्सा, बच्चों को डिजिटल स्क्रीन से दूर कर खेलों से जोड़ना मुख्य उद्देश्य।

जयपुर के खेल मैदान पर टेनिस कोर्ट में अभ्यास करता एक खिलाड़ी दिख रहा है।
मोबाइल और डिजिटल स्क्रीन के बढ़ते इस्तेमाल के बीच बच्चों को खेल के मैदान से जोड़ने के उद्देश्य से जयपुर में 14वें महाराजा सवाई भवानी सिंह मेमोरियल टूर्नामेंट का आयोजन होने जा रहा है। 2 से 5 नवंबर 2026 तक चलने वाली इस चार दिवसीय प्रतियोगिता में जयपुर और आसपास के 50 स्कूलों के करीब 4,000 छात्र आठ अलग-अलग खेलों में अपनी प्रतिभा और खेल कौशल का प्रदर्शन करेंगे। प्रतियोगिता में फुटबॉल, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल, हैंडबॉल, कबड्डी, टेनिस, पिकलबॉल और शतरंज की स्पर्धाएं आयोजित की जाएंगी।
यह टूर्नामेंट प्रत्येक वर्ष महामहिम ब्रिगेडियर महाराजा सवाई भवानी सिंह जी (महावीर चक्र) की स्मृति में आयोजित किया जाता है। वे पोलो के प्रतिष्ठित खिलाड़ी होने के साथ ही खेलों के प्रबल समर्थक थे। उनके खेल प्रेम, अनुशासन और टीम भावना की विरासत को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित होने वाली इस प्रतियोगिता में विभिन्न स्कूलों के युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और खेल भावना के साथ प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिलता है।
फैनटूपार्क के संस्थापक एवं सीईओ अमित पुरोहित ने कहा कि आज किराने का सामान, खाना और जरूरत की लगभग हर चीज लोगों के दरवाजे तक पहुंच रही है, तो खेलों की सुविधाएं भी बच्चों को उनके घर के आसपास उपलब्ध होनी चाहिए। उन्होंने कहा, "आज किराने का सामान, खाना और जरूरत की लगभग हर चीज हमारे दरवाजे तक पहुंच रही है, तो खेलों की सुविधा भी बच्चों को उनके घर के पास मिलनी चाहिए। किसी टूर्नामेंट में जब बच्चा पहली बार किसी खेल से जुड़ता है और उसमें रुचि विकसित करता है, तो उसे उस खेल को आगे जारी रखने का अवसर भी आसानी से मिलना चाहिए। हमारा प्रयास है कि बच्चों के लिए खेल और कोचिंग की सुविधा सुलभ हो, ताकि दूरी और समय की कमी उनकी खेल प्रतिभा के रास्ते में बाधा न बने।"
फैनटूपार्क का कोचिंग कार्यक्रम 'फैनटूपार्क प्ले' प्रशिक्षित और प्रमाणित कोचों को आवासीय सोसाइटियों में उपलब्ध कराता है। इसके माध्यम से बच्चों को घर के नजदीक ही खेल प्रशिक्षण की सुविधा मिलती है। कार्यक्रम के तहत स्थानीय स्तर पर कोच नियुक्त किए जाते हैं, जिससे बच्चे अपने घर के आसपास अभ्यास कर सकते हैं। अभिभावक फैनटूपार्क ऐप के जरिए प्रत्येक प्रशिक्षण सत्र की उपस्थिति, बच्चों की प्रगति और उनकी तस्वीरों की जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं।
फिलहाल फैनटूपार्क प्ले कार्यक्रम गुरुग्राम, दिल्ली और नोएडा में 1,000 से अधिक बच्चों को कोचिंग दे रहा है। कंपनी का लक्ष्य अगले वर्ष तक इस संख्या को बढ़ाकर 10,000 बच्चों तक पहुंचाना है। दिल्ली-एनसीआर से बाहर जयपुर कंपनी का पहला शहर है और यह टूर्नामेंट शहर में फैनटूपार्क की पहली सार्वजनिक पहल होगी।
इस वर्ष प्रतियोगिता में पारंपरिक भारतीय खेल कबड्डी के साथ तेजी से लोकप्रिय हो रहे पिकलबॉल को भी शामिल किया गया है। कबड्डी पीढ़ियों से भारतीय बच्चों के बीच लोकप्रिय रहा है, जबकि पिकलबॉल एक नया खेल है, जिसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। दोनों खेलों को एक ही मंच पर शामिल किया जाना टूर्नामेंट में खेलों की विविधता को दर्शाता है।
महाराजा सवाई भवानी सिंह स्कूल की प्रिंसिपल सुश्री वैदेही सिंह ने कहा, "14 संस्करणों के दौरान हमने देखा है कि बच्चे इस टूर्नामेंट में पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लेते हैं और यहां से अच्छी यादों, जीवन के महत्वपूर्ण कौशल और नई दोस्तियों के साथ लौटते हैं। समय के साथ यह टूर्नामेंट युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और खेल भावना को करीब से समझने का एक महत्वपूर्ण मंच बन गया है।"
बच्चों के बीच मोबाइल और डिजिटल स्क्रीन का बढ़ता इस्तेमाल भी इस आयोजन के पीछे एक महत्वपूर्ण पहलू है। वर्ष 2025 में भारत के 537 स्कूली बच्चों पर किए गए एक अध्ययन में सामने आया कि लगभग 11 वर्ष की औसत आयु वाले बच्चे प्रतिदिन करीब तीन घंटे स्क्रीन पर बिताते हैं। ऐसे में चार दिनों तक हजारों बच्चों को खेल के मैदान तक लाना और उन्हें शारीरिक गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित करना इस प्रतियोगिता का अहम उद्देश्य है।
इस स्तर की प्रतियोगिता के आयोजन के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। 50 स्कूलों ने अपनी टीमों का चयन करने के साथ खिलाड़ियों की यात्रा और अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं। चार दिनों तक चलने वाली स्पर्धाओं में छात्रों को दूसरे स्कूलों के खिलाड़ियों के साथ मुकाबला करने, अपनी क्षमता परखने और नए अनुभव हासिल करने का अवसर मिलेगा। यह प्रतियोगिता सामान्य स्कूल स्तरीय मुकाबलों से आगे बढ़कर बच्चों को अपनी खेल प्रतिभा पहचानने का मंच भी उपलब्ध कराएगी।
महाराजा सवाई भवानी सिंह स्कूल के खेल समन्वयक एवं कोच महिवर्धन सिंह ने कहा, "16 साल की उम्र में एक अच्छे और एक बेहतरीन खिलाड़ी के बीच का अंतर कई बार 8 साल की उम्र में ही तय होने लगता है। इस उम्र में बच्चा कितनी बार खेलता है और उसे किस तरह की कोचिंग मिलती है, इसका उसके भविष्य पर गहरा असर पड़ता है। इसी सोच के साथ हम इस टूर्नामेंट को अधिक से अधिक स्कूलों और विभिन्न खेलों के लिए खुला रखते हैं, ताकि बच्चों को कम उम्र से ही अपनी प्रतिभा निखारने के अवसर मिल सकें।"
टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाले कई छात्र अपने-अपने स्कूलों के बेहतरीन खिलाड़ियों में शामिल हैं और भविष्य में भी खेलों से जुड़े रहना चाहते हैं। हालांकि, नियमित कोचिंग के लिए अच्छी खेल अकादमी तक पहुंचना कई परिवारों के लिए चुनौती बना रहता है। स्कूल और ट्यूशन के बाद लंबी दूरी तय करना तथा ट्रैफिक के बीच बच्चों को अभ्यास के लिए ले जाना अभिभावकों के लिए मुश्किल हो जाता है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए टूर्नामेंट के स्पोर्ट्स पार्टनर फैनटूपार्क ने दिल्ली-एनसीआर में एक नई पहल शुरू की है।
14वां महाराजा सवाई भवानी सिंह मेमोरियल टूर्नामेंट 2 नवंबर 2026 को जयपुर के जगतपुरा में शुरू होगा और 5 नवंबर को इसका समापन होगा। चार दिवसीय इस आयोजन में 50 स्कूलों के करीब 4,000 छात्र आठ खेलों में हिस्सा लेकर अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। प्रतियोगिता के जरिए युवा खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धा का अनुभव हासिल करने, अपनी क्षमता परखने और खेलों के प्रति रुचि को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा।
फैनटूपार्क गुरुग्राम स्थित एक स्पोर्ट्स कंपनी है, जो भारत में स्पोर्ट्स ट्रैवल, फैन अनुभव और जमीनी स्तर पर खेल कोचिंग के क्षेत्र में काम करती है। कंपनी का कोचिंग वर्टिकल 'फैनटूपार्क प्ले' दिल्ली-एनसीआर की आवासीय सोसाइटियों में बच्चों के लिए प्रमाणित खेल कोचिंग कार्यक्रम संचालित करता है।

