जयपुर, 23 मार्च 2026। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए सोमवार को सदन में कहा कि देश में समान नागरिक संहिता लागू करना समय की आवश्यकता है, जिससे सभी नागरिकों को समान अधिकार और न्याय मिल सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि यूसीसी केवल एक कानूनी सुधार नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का महत्वपूर्ण कदम है।

सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का आधार

राठौड़ ने कहा कि भाजपा हमेशा से "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास" के सिद्धांत पर कार्य करती रही है और यूसीसी उसी दिशा में एक ठोस पहल है। इससे महिलाओं को समान अधिकार मिलेगा, पारिवारिक कानूनों में एकरूपता आएगी और समाज में व्याप्त भेदभाव समाप्त होगा। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि "कुछ राजनीतिक दल केवल वोट बैंक की राजनीति के कारण यूसीसी का विरोध कर रहे हैं, जबकि यह देशहित और समाजहित में अत्यंत आवश्यक है।" ### न्याय और संवैधानिक प्रतिबद्धता

उन्होंने राज्य सरकारों और समाज के सभी वर्गों से अपील की कि वे इस विषय पर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाएं और राष्ट्र निर्माण की इस प्रक्रिया में सहयोग दें। राठौड़ ने कहा कि भाजपा सरकार देश के हर नागरिक के लिए समान अधिकार और न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और यूसीसी उसी संकल्प का प्रतीक है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ द्वारा यूसीसी की दिशा में बढ़ाया हुआ यह कदम महिलाओं को विवाह, तलाक और उत्तराधिकार जैसे मामलों में समान अधिकार प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।

सर्वोच्च न्यायालय के ऐतिहासिक संदर्भ

सुप्रीम कोर्ट ने भी इस विषय की आवश्यकता पर बल दिया है। 1985 में शाहबानो बेगम के मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने कहा था कि "समान नागरिक संहिता राष्ट्रीय एकता और सामाजिक न्याय के लिए आवश्यक है।" ऐसे में सदन में समान नागरिक संहिता के विषय में आवश्यक विधायी पहल की जानी चाहिए ताकि देश के सभी नागरिकों को समान अधिकार और न्याय सुनिश्चित हो सके।

Next Story