मदन राठौड़ का अशोक गहलोत पर पलटवार, बोले- भाजपा नहीं अपनी कलह संभालें
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने पूर्व मुख्यमंत्री के बयानों को राजनीतिक अवसरवाद बताते हुए कांग्रेस के भीतर मची गुटबाजी और सरकार के बाड़ेबंदी इतिहास पर निशाना साधा।

जयपुर, 13 अप्रैल 2026। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा दिए गए बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। राठौड़ ने स्पष्ट रूप से कहा कि "गहलोत जी अपनी पार्टी की अंदरूनी खींचतान और विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए भाजपा पर अनावश्यक टिप्पणी कर रहे हैं।" उन्होंने जोर देकर कहा कि भारतीय जनता पार्टी एक अनुशासित और संगठित पार्टी है, जहां प्रत्येक नेता अपनी जिम्मेदारी के साथ विचार रखता है। राठौड़ के अनुसार, गहलोत जी को भाजपा के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने से पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए, जहां आज भी नेतृत्व को लेकर स्पष्टता का अभाव है।
कुर्सी की खींचतान और बाड़ाबंदी का इतिहास
मदन राठौड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री को उनके पिछले कार्यकाल की याद दिलाते हुए कहा कि "गहलोत जी शायद भूल गए कि उनके कार्यकाल में जो कुर्सी की खींचतान चली, वो जगजाहिर है।" उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि गहलोत स्वयं सरकार को बचाने के लिए होटलों में बाडाबड़ी करके बैठे रहे। जहाँ तक वसुंधरा राजे का सवाल है, राठौड़ ने स्पष्ट किया कि "वे भाजपा की वरिष्ठ और सम्मानित नेता हैं और पार्टी में उनके योगदान व नेतृत्व को लेकर किसी प्रकार का भ्रम नहीं है।" उन्होंने गहलोत द्वारा इस विषय में बयान देने को पूरी तरह राजनीतिक अवसरवाद करार दिया।
वैश्विक मंच पर भारत का बढ़ता प्रभाव
भारत की विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय स्थिति पर बोलते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि देश की विदेश नीति हमेशा से मजबूत, संतुलित और राष्ट्रीय हितों पर आधारित रही है। राठौड़ ने गर्व से कहा कि "आज भारत वैश्विक मंच पर एक सशक्त और निर्णायक नेतृत्व के रूप में स्थापित है, जिसकी सराहना पूरी दुनिया कर रही है।" उन्होंने इस बात पर कड़ी आपत्ति जताई कि पाकिस्तान जैसे अस्थिर और आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले देश का उदाहरण देकर भारत की भूमिका पर प्रश्न उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का उदाहरण देकर भारत की भूमिका पर प्रश्न उठाना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि देश की छवि को भी नुकसान पहुंचाने वाला है।
कांग्रेस की खोखली एकजुटता और गुटबाजी
लेख के अंत में राठौड़ ने कांग्रेस के आंतरिक कलह पर निशाना साधते हुए कहा कि राजस्थान में कांग्रेस के एकजुट होने के दावे पूरी तरह खोखले हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि "अशोक गहलोत, गोविंद सिंह डोटासरा, टीकाराम जूली और सचिन पायलट के बीच नेतृत्व और वर्चस्व को लेकर अंदरूनी खींचतान लगातार सामने आ रही है।" उनके अनुसार, कांग्रेस के ये बड़े नेता सार्वजनिक मंचों पर भले ही एकजुटता दिखाने का प्रयास करें, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि पार्टी आपसी मतभेदों और गुटबाजी से जूझ रही है। कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकार 4 साल तक अपनी कुर्सी बचाती रही और चुनावी वर्ष में जो घोषणाएं कीं, वो भी पूरी नहीं कर पाए। ऐसे में राठौड़ ने सलाह दी कि गहलोत अपना घर संभालें, क्योंकि भाजपा और उसका प्रत्येक कार्यकर्ता पूरी तरह एकजुट है।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
