अशोक गहलोत का बयान कांग्रेस की 'तानाशाही मानसिकता' का प्रमाण: मदन राठौड़
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा भाजपा पर प्रतिबंध लगाने के बयान पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कड़ा रुख अपनाते हुए कांग्रेस को घेरा।

जयपुर में प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ अशोक गहलोत के हालिया बयान पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए।
राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर जुबानी जंग का दौर तेज हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर प्रतिबंध लगाने को लेकर दिए गए बयान ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। इस विवादास्पद टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने इसे कांग्रेस की लोकतंत्र विरोधी और तानाशाही मानसिकता का जीवंत उदाहरण करार दिया है। राठौड़ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि गहलोत का यह बयान देश के लोकतांत्रिक मूल्यों पर एक गहरा प्रहार है।
घटनाक्रम के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हाल ही में एक बयान दिया था, जिसमें उन्होंने कहा कि यदि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी आज जीवित होतीं, तो वे भाजपा पर प्रतिबंध लगा देतीं। इस बयान पर कड़ा ऐतराज जताते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने जयपुर में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि गहलोत की यह सोच कांग्रेस के उस ऐतिहासिक 'तानाशाही चरित्र' को उजागर करती है, जिसने 1975 में देश पर आपातकाल थोपकर लोकतंत्र का गला घोंटा था। राठौड़ ने तल्ख लहजे में कहा कि तीन बार मुख्यमंत्री जैसे गरिमामयी पद पर रहे नेता द्वारा एक लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई सरकार और सबसे बड़े राजनीतिक दल पर प्रतिबंध लगाने की बात करना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि उनकी राजनीतिक परिपक्वता पर भी सवाल खड़े करता है।
मदन राठौड़ ने गहलोत को 1975 के आपातकाल की याद दिलाते हुए कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के बाद अपनी सत्ता बचाने के लिए कांग्रेस ने जो कदम उठाए थे, उसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा था। देश की जनता ने उस समय इंदिरा गांधी को सत्ता से बेदखल कर लोकतंत्र की पुनर्स्थापना की थी। राठौड़ ने आरोप लगाया कि गहलोत केवल सुर्खियों में बने रहने और अपने राजनीतिक आकाओं को खुश करने के लिए ऐसी गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे उन्हें भले ही क्षणिक राजनीतिक लाभ मिलता दिखे, लेकिन जनता के बीच उनकी छवि लगातार धूमिल हो रही है।
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि गहलोत द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री भैरों सिंह शेखावत का संदर्भ लेना और राम मंदिर पर आपत्ति जताना कांग्रेस की विकृत सोच का परिचायक है। उन्होंने कहा कि करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र भगवान राम के नाम पर आपत्ति जताना यह साबित करता है कि कांग्रेस नेतृत्व की न तो राम में आस्था है और न ही लोकतंत्र में पूर्ण विश्वास। राठौड़ ने समापन में कहा कि देश की जनता आज पूरी तरह जागरूक है और लोकतंत्र की हत्या करने की कोई भी साजिश कामयाब नहीं होगी। यह बयान स्पष्ट करता है कि कांग्रेस आज भी उसी मानसिकता से ग्रसित है, जो विरोधी विचारों को दबाने और लोकतंत्र को सीमित करने की वकालत करती है।

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