मदन राठौड़: एक राष्ट्र एक राशन कार्ड से राजस्थान के 1.08 करोड़ लोगों को लाभ
राज्यसभा में मदन राठौड़ के प्रश्न पर केंद्र ने दी जानकारी, 2026 तक देश की खाद्यान्न भंडारण क्षमता बढ़कर 852 लाख टन हुई।

जयपुर, 10 मार्च 2026 | भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ द्वारा राज्यसभा में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में केंद्र सरकार में उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री श्रीमती निमुबेन जयंतीभाई बांभनिया ने जानकारी दी कि “एक राष्ट्र एक राशन कार्ड (ONORC)” योजना देशभर में सफलतापूर्वक लागू हो चुकी है और इसके माध्यम से करोड़ों लाभार्थियों को देश के किसी भी राज्य में सस्ती दर पर राशन प्राप्त करने की सुविधा मिल रही है।
खाद्य सुरक्षा हुई मजबूत और राजस्थान को मिला विशेष लाभ
राज्यमंत्री ने बताया कि राजस्थान के लगभग 1.08 करोड़ राशन कार्डधारकों को भी यह सुविधा उपलब्ध है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के अंतर्गत देश के लगभग 80 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को इस व्यवस्था से जोड़ा गया है, जिससे उन्हें देश में कहीं भी सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत खाद्यान्न प्राप्त करने की सुविधा उपलब्ध हो रही है। उन्होंने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य विशेष रूप से प्रवासी मजदूरों, श्रमिकों और जरूरतमंद परिवारों को उनके गृह राज्य से दूर रहते हुए भी सस्ता खाद्यान्न उपलब्ध कराना है। केंद्र सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पारदर्शी, आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुधार किए हैं।
तकनीकी सुधार और ई-पॉस मशीनों से पारदर्शिता
देशभर की लगभग 100 प्रतिशत उचित मूल्य की दुकानों (FPS) पर e-POS मशीनों के माध्यम से राशन वितरण की व्यवस्था लागू की जा चुकी है। इससे आधार आधारित प्रमाणीकरण के जरिए वास्तविक लाभार्थियों तक ही खाद्यान्न पहुंच सुनिश्चित हो रही है और फर्जी राशन कार्डों पर प्रभावी रोक लगी है। राज्यसभा में दिए गए उत्तर के अनुसार 1 फरवरी 2026 तक देश में करोड़ों पोर्टेबिलिटी लेन-देन दर्ज किए जा चुके हैं, जिनके माध्यम से लाखों टन खाद्यान्न का वितरण किया गया है। इससे विशेष रूप से प्रवासी श्रमिकों और कामगारों को अपने कार्यस्थल पर ही राशन प्राप्त करने में बड़ी राहत मिली है।
भंडारण क्षमता में रिकॉर्ड वृद्धि और भविष्य की सुदृढ़ प्रणाली
राज्यमंत्री ने यह भी बताया कि देश में खाद्यान्न भंडारण क्षमता को बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। वर्ष 2016 में जहां भंडारण क्षमता लगभग 644 लाख टन थी, वहीं वर्ष 2026 तक इसे बढ़ाकर लगभग 852 लाख टन कर दिया गया है, जिससे खाद्यान्न प्रबंधन और वितरण प्रणाली और अधिक सुदृढ़ हुई है। मदन राठौड़ ने कहा कि "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू की गई यह योजना देश में खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने और गरीबों के जीवन को आसान बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है।" मोदी सरकार में खाद्य सुरक्षा मजबूत हुई है और भंडारण क्षमता 644 से बढ़कर 852 लाख टन तक पहुँच गई है।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
