जयपुर, 11 मार्च 2026 | भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ द्वारा राज्यसभा में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि देश में खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा वैज्ञानिक मानकों के आधार पर खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण, वितरण, बिक्री एवं आयात को विनियमित किया जाता है।

खाद्य सुरक्षा नियमों का क्रियान्वयन और निगरानी तंत्र

राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव ने स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के अंतर्गत नियमों का कार्यान्वयन मुख्य रूप से राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों द्वारा किया जाता है। राज्यों में नियुक्त नामित अधिकारी (DO) तथा खाद्य सुरक्षा अधिकारी (FSO) खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर अधिनियम के प्रावधानों के अनुपालन को सुनिश्चित करते हैं। पिछले तीन वर्षों में FSSAI द्वारा खाद्य गुणवत्ता की जांच के लिए बड़ी संख्या में नमूने लिए गए हैं, जिनमें वर्ष 2024-25 में 1,70,535, वर्ष 2023-24 में 1,70,513 तथा वर्ष 2022-23 में 1,77,511 खाद्य नमूनों का परीक्षण किया गया है।

जोखिम आधारित निरीक्षणों में निरंतर बढ़ोतरी

खाद्य सुरक्षा नियमों के अनुपालन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए जोखिम आधारित निरीक्षणों की संख्या में लगातार वृद्धि की गई है। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2022-23 में 11,904 निरीक्षण किए गए, जो वर्ष 2023-24 में बढ़कर 18,098 हो गए और वर्ष 2024-25 में यह संख्या 26,267 तक पहुंच गई। राज्य मंत्री ने बताया कि खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित खाद्य व्यवसाय संचालकों (FBO) के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत दंडात्मक और नियामक कार्रवाई की जाती है। इस कार्रवाई के अंतर्गत सुधार नोटिस, जुर्माना तथा गंभीर मामलों में अभियोजन जैसी प्रक्रियाएं शामिल हैं।

राजस्थान में खाद्य नमूनों की जांच और मदन राठौड़ की प्रतिक्रिया

राज्यवार आंकड़ों पर दृष्टि डालें तो राजस्थान में भी खाद्य सुरक्षा नियमों के अनुपालन हेतु व्यापक स्तर पर जांच की गई है। राजस्थान में वर्ष 2024-25 में 13,840 नमूनों की जांच, वर्ष 2023-24 में 18,536 नमूनों की जांच तथा वर्ष 2022-23 में 13,184 नमूनों की जांच की गई और नियमों के उल्लंघन पर नियमानुसार कार्रवाई भी सुनिश्चित की गई। इस संपूर्ण व्यवस्था पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद मदन राठौड़ ने कहा कि "केंद्र सरकार द्वारा खाद्य सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने के लिए उठाए गए कदमों से देश में खाद्य गुणवत्ता, उपभोक्ता सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा सुनिश्चित हो रही है। FSSAI की निगरानी व्यवस्था और राज्यों की सक्रिय भूमिका से मिलावट और मानकों के उल्लंघन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो रहा है।"

Pratahkal Bureau

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