ईएमआरएस के विस्तार से जनजातीय छात्रों को मिलेगी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने सदन में बताया कि देशभर में 723 ईएमआरएस स्वीकृत हुए हैं और राजस्थान के सभी 31 विद्यालय वर्तमान में सुचारू रूप से कार्यशील हैं।

जयपुर में राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के विस्तार और जनजातीय विद्यार्थियों को मिलने वाली आधुनिक शिक्षा व कौशल विकास सुविधाओं की जानकारी साझा की।
जयपुर, 05 फरवरी 2026। राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ द्वारा एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों (ईएमआरएस) के विस्तार को लेकर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में जनजातीय कार्य राज्य मंत्री दुर्गादास उइके ने सदन को जानकारी दी।
केंद्र सरकार का लक्ष्य और ईएमआरएस की वर्तमान स्थिति
जनजातीय कार्य राज्य मंत्री दुर्गादास उइके ने बताया कि केंद्र सरकार जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, खेल एवं कौशल विकास को सशक्त बनाने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है।
- दिसंबर 2025 तक देशभर में कुल 723 ईएमआरएस स्वीकृत किए जा चुके हैं।
- इनमें से 499 विद्यालय वर्तमान में कार्यशील हैं।
- राजस्थान राज्य में 31 ईएमआरएस स्वीकृत किए गए हैं और सभी कार्यशील हैं, जो प्रदेश के जनजातीय विद्यार्थियों के लिए बड़ी उपलब्धि है।
जनजातीय गौरव दिवस पर नई सौगातें
राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने बताया कि जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर देशभर में 42 ईएमआरएस का उद्घाटन किया गया, जिनमें आंध्र प्रदेश में 2 और तेलंगाना में 4 विद्यालय शामिल हैं। इसके साथ ही 50 ईएमआरएस की आधारशिला रखी गई। राजस्थान में इस अवसर पर 3 ईएमआरएस का उद्घाटन किया गया।
"ईएमआरएस में शिक्षा एवं खेल सुविधाओं की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए आधुनिक कक्षाएं, विज्ञान एवं कंप्यूटर प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, खेल मैदान, खेल उपकरण, स्मार्ट क्लास, इंटरनेट सुविधा, संगीत व कला कक्ष, तथा व्यावसायिक प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।"
डिजिटल शिक्षा और कौशल विकास
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने बताया कि डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अमेज़न फ्यूचर इंजीनियर (एईई) कार्यक्रम के अंतर्गत देशभर के 298 ईएमआरएस विद्यालयों में कंप्यूटर विज्ञान शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।
- यह कार्यक्रम लर्निंग लिंक फाउंडेशन के माध्यम से संचालित है।
- इसके तहत “आवर ऑफ कोड”, कोड-ए-थॉन तथा इंटरैक्टिव मॉड्यूल्स द्वारा छात्रों को प्रोग्रामिंग एवं समस्या समाधान कौशल सिखाया जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार का लक्ष्य है कि जनजातीय समाज के बच्चे आधुनिक शिक्षा, तकनीक एवं कौशल से जुड़कर आत्मनिर्भर बनें और देश के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

Pratahkal Bureau
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