जयपुर, 4 फरवरी 2026। राज्यसभा सांसद एवं भारतीय जनता पार्टी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा द्वारा सदन में की जा रही अमर्यादित टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उनके बयानों की कड़े शब्दों में निंदा की है।


सिख समाज और केंद्रीय मंत्री का अपमान

राठौड़ ने कहा कि सिख समाज ने देश की आज़ादी से लेकर आज तक राष्ट्र की आन, बान और शान की रक्षा के लिए असंख्य बलिदान दिए हैं। ऐसे गौरवशाली समाज से आने वाले केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के संदर्भ में उन्होंने कहा:

"राष्ट्र के लिए असंख्य बलिदान देने वाले गौरवशाली समाज से आने वाले मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के लिए अपशब्दों का प्रयोग अत्यंत शर्मनाक, दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। यह बयान न केवल एक जनप्रतिनिधि बल्कि पूरे सिख समाज का अपमान है।"
राहुल गांधी की भाषा और राजनीतिक संस्कृति

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने राहुल गांधी के आचरण पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा:

"राजनीति में राहुल गांधी की भाषा कांग्रेस की गिरती हुई राजनीतिक संस्कृति और उनके संस्कारों को उजागर करती है।" "लोकतंत्र के मंदिर कहे जाने वाले सदन में इस तरह की भाषा अस्वीकार्य है और देश की जनता का अपमान है।" जनप्रतिनिधियों से अपेक्षा की जाती है कि वे शब्दों की मर्यादा रखें और स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपराओं का पालन करें। राहुल गांधी बार-बार अपने आचरण से यह साबित कर रहे हैं कि उन्हें न तो सदन की गरिमा की चिंता है और न ही लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान। गोविंद सिंह डोटासरा और कांग्रेस की हताशा

मदन राठौड़ ने गोविंद सिंह डोटासरा को आड़े हाथों लेते हुए मांग की कि राहुल गांधी और डोटासरा देश से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। उन्होंने कहा:

"डोटासरा को सदन की गरिमा और मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए। कांग्रेस नेतृत्व जिस तरह से अपशब्दों और अनर्गल आरोपों की राजनीति कर रहा है, उससे स्पष्ट है कि पार्टी हताशा और निराशा में दिशाहीन हो चुकी है।"

भाजपा ऐसे किसी भी प्रयास का पुरजोर विरोध करेगी जो समाज को बांटने और लोकतांत्रिक मर्यादाओं को तोड़ने का काम करता हो।

अडानी मुद्दे पर 'दिखावटी विरोध' और गहलोत सरकार का सच

राठौड़ ने डोटासरा द्वारा सदन में अडानी के नाम पर की जा रही राजनीति पर पलटवार किया:

डोटासरा सदन में अडानी के नाम पर केवल नौटंकी कर जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं। कांग्रेस की तत्कालीन अशोक गहलोत सरकार के कार्यकाल में अडानी समूह की शान में कसीदे पढ़े जाते थे। गहलोत सरकार द्वारा करीब 85 हजार बीघा भूमि अडानी समूह को आवंटित की गई, जिसके प्रमाण आज भी मौजूद हैं। उस समय कांग्रेस सरकार के मंत्री और नेता अडानी के सम्मान में हाथ बांधे खड़े नजर आते थे।
"भाजपा तथ्यों और पारदर्शिता की राजनीति करती है, जबकि कांग्रेस झूठ, भ्रम और दिखावे की राजनीति करती है। जनता सब समझती है और समय आने पर कांग्रेस को इसका करारा जवाब देगी।"
धारीवाल का आचरण और 'मानसिक दिवालियापन'

राठौड़ ने कांग्रेस नेता धारीवाल द्वारा बुधवार को सदन में प्रयुक्त भाषा की आलोचना करते हुए कहा:

"धारीवाल द्वारा सदन में घृणित और अशोभनीय शब्द का प्रयोग करना कांग्रेस की गिरती हुई राजनीतिक संस्कृति और मानसिक दिवालियापन को उजागर करता है।"

कांग्रेस के नेताओं को राजनीतिक प्रशिक्षण की सख्त आवश्यकता है; ऐसा लगता है कि अभद्र भाषा और अमर्यादित आचरण कांग्रेस की बन चुकी कार्य संस्कृति है।

उन्होंने अंत में कहा कि कांग्रेस की स्थिति ऐसी हो गई है कि पूरे कुएं में ही भांग पड़ी हुई है। कांग्रेस नेतृत्व को तत्काल धारीवाल पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए, अन्यथा यह स्पष्ट हो जाएगा कि कांग्रेस इस तरह की अभद्रता को संरक्षण दे रही है।

Pratahkal Newsroom

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