जयपुर, 8 अक्टूबर 2026। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने दिल्ली में कांग्रेस द्वारा चुनाव आयोग के खिलाफ किए जा रहे विरोध प्रदर्शन को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि दिल्ली में ‘‘चुनाव आयोग वर्सेज कांग्रेस पार्टी’’ चल रहा है। राठौड़ के अनुसार, यदि कांग्रेस को चुनाव आयोग से कोई शिकायत थी तो उसे नियमानुसार समय लेकर प्रतिनिधिमंडल के साथ आयोग से मिलना चाहिए था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता जानते हैं कि इस तरह के प्रदर्शन से कुछ होने वाला नहीं है, इसके बावजूद समाचार पत्रों और न्यूज चैनलों की सुर्खियों में बने रहने के लिए यह सब किया जा रहा है।

मदन राठौड़ ने कहा कि चुनाव आयोग के समक्ष शिकायत दर्ज कराने की एक निर्धारित प्रक्रिया है। पांच से सात लोगों का प्रतिनिधिमंडल समय लेकर निर्वाचन आयोग के अधिकारियों से मिल सकता है और अपनी समस्या रख सकता है। इसके बजाय 300-400 लोगों को लेकर प्रदर्शन करना केवल राजनीतिक नौटंकी और सुर्खियों में आने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस न तो इस प्रकार के प्रदर्शन से निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ कोई कार्रवाई करवा सकती है और न ही इससे चुनाव प्रक्रिया पर कोई प्रभाव पड़ेगा। कांग्रेस केवल यह दिखाना चाहती है कि वह सक्रिय है और विरोध कर रही है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस प्रकार के विरोध प्रदर्शनों के माध्यम से जनता के बीच भ्रम पैदा करने और उसे भड़काने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को लोकतांत्रिक और संवैधानिक संस्थाओं पर विश्वास रखते हुए निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपनी बात रखनी चाहिए।

मदन राठौड़ ने कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के व्यवहार पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि मीडिया को उनके इस आचरण की निंदा करनी चाहिए। एक राष्ट्रीय राजनीतिक दल के नेता का किसी महिला पुलिसकर्मी के साथ इस प्रकार का व्यवहार करना उचित नहीं है। राठौड़ ने कहा कि महिला पुलिसकर्मी की पीठ पर जिस प्रकार हाथ लगाया गया, वह निंदनीय है। उन्होंने सवाल किया कि क्या राहुल गांधी को मर्यादा और शिष्टाचार का ध्यान नहीं रखना चाहिए? सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं से मर्यादित एवं गरिमापूर्ण आचरण की अपेक्षा होती है। उन्होंने कहा कि महिला पुलिसकर्मी के साथ इस तरह का व्यवहार संस्कारों और मर्यादा के अभाव को दर्शाता है।

कांग्रेस नेताओं के एकजुटता के दावों पर भी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ‘‘हम सब एक हैं’’ कहने की जरूरत उसी को पड़ती है, जिसके मन में संदेह होता है। राठौड़ के अनुसार, कांग्रेस के नेता एक फोटो फ्रेम के लिए एक साथ खड़े हो रहे हैं। जिनके बीच मतभेद और मनभेद नहीं होते, उन्हें बार-बार अपनी एकता का दिखावा करने की जरूरत नहीं पड़ती। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के भीतर की वास्तविक स्थिति उसके नेताओं के बयानों और गतिविधियों से स्पष्ट हो रही है।

मदन राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस नेता रंधावा द्वारा सचिन पायलट से बयान देने की बात कही गई और जब उन्होंने मना कर दिया तो उन्हें पकड़कर लाने की बात सामने आई। उन्होंने सवाल किया कि क्या कांग्रेस के नेता सचिन पायलट को बच्चा समझते हैं? राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस को अपने वरिष्ठ नेताओं के साथ इस प्रकार का व्यवहार करने के बजाय उनके सम्मान और स्वतंत्रता का ध्यान रखना चाहिए।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आगे कहा कि भारत में अस्थिरता पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके पीछे विदेशी साजिश हो सकती है और देश के कुछ नेता विदेशी ताकतों की कठपुतली बनकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत की जनता को ऐसे प्रयासों को समझना होगा और देश की एकता, अखंडता एवं लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने वाले प्रयासों से सावधान रहना होगा।

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