भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़ का कांग्रेस पर प्रहार, पेपर लीक को लेकर घेरा
मदन राठौड़ ने गहलोत सरकार के कार्यकाल में हुए पेपर लीक का हवाला देते हुए एसआई और रीट भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं पर सवाल उठाए।

जयपुर में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ (मध्य) पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की नीतियों और भर्ती परीक्षाओं में हुई धांधली पर बयान देते हुए।
जयपुर, 15 मई 2026। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और गोविंद सिंह डोटासरा के बयानों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा है कि कांग्रेस नेताओं को भाजपा सरकार पर उंगली उठाने से पहले अपने उस काले कार्यकाल को याद करना चाहिए, जब राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था और भर्ती परीक्षाओं को मजाक बनाकर रख दिया गया था। राठौड़ ने स्पष्ट किया कि जिनके घर कांच के होते हैं, उन्हें दूसरों पर पत्थर फेंकने का अधिकार नहीं है; कांग्रेस शासन में 17 से अधिक बार पेपर लीक की घटनाएं हुईं, लेकिन तत्कालीन सरकार मूकदर्शक बनी रही और लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस राज में न तो इन मामलों की निष्पक्ष जांच हुई और न ही दोषियों पर कोई प्रभावी कार्रवाई की गई।
मदन राठौड़ ने रीट-2021 भर्ती परीक्षा का उल्लेख करते हुए इसे कांग्रेस की दोहरी नीति और असंवेदनशीलता का ज्वलंत उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा संकुल से पेपर चोरी होने की शर्मनाक घटना पूरे देश में चर्चित हुई थी, जिसमें स्वयं कांग्रेस सरकार ने पेपर लीक स्वीकार किया, लेकिन राजनीतिक लाभ के लिए केवल एक लेवल की परीक्षा रद्द की और दूसरे लेवल का परिणाम जारी कर नियुक्तियां दे दीं। इसी प्रकार, एसआई भर्ती परीक्षा में भी कांग्रेस ने पेपर लीक को स्वीकार तक नहीं किया और आनन-फानन में नियुक्तियां बांट दीं। इसके विपरीत, वर्तमान भजनलाल सरकार के कार्यकाल में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है। हालिया मामले में जैसे ही अनियमितता की सूचना मिली, एनटीए ने त्वरित कार्रवाई करते हुए परीक्षा रद्द की और नई तिथियां घोषित कर दीं।
राठौड़ ने डोटासरा पर व्यक्तिगत हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान आरएएस भर्ती प्रक्रिया में डोटासरा के परिजनों को साक्षात्कार में अन्य योग्य अभ्यर्थियों से कहीं अधिक अंक दिए जाने का मामला पूरे प्रदेश में गूंजा था। उन्होंने सवाल किया कि उस समय पारदर्शिता की बात करने वाली कांग्रेस आज किस मुंह से युवाओं के हित की राजनीति कर रही है। जेपीसी जांच की मांग पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि मोदी सरकार में जांच एजेंसियां पूरी तरह स्वतंत्र हैं और जब सीबीआई जांच कर रही है, तो जेपीसी की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कटाक्ष किया कि जो नेता एनटीए को “नॉन ट्रस्ट एजेंसी” कह रहे हैं, क्या वे जनता से गहलोत, डोटासरा या पायलट पर भरोसा करने की अपेक्षा करते हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पेट्रोल-डीजल और मितव्ययता संबंधी बयानों की भी कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि गहलोत को अपने कार्यकाल में बढ़ाए गए वैट और टैक्स पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विषम परिस्थितियों में ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने और पानी-बिजली बचाने जैसी मितव्ययता की अपीलों का समर्थन करते हुए कहा कि ये संदेश समाज हित में हैं। राठौड़ ने अंत में कहा कि भाजपा सरकार केवल परीक्षाएं आयोजित करने के लिए नहीं, बल्कि युवाओं का विश्वास बहाल करने और पेपर लीक नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसके लिए ऐतिहासिक नीतिगत निर्णय लिए जा रहे हैं।

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