मदन दिलावर ने किया वनस्पति बीज बैंक कार्यशाला का संबोधन, दिए कड़े निर्देश
शिक्षा मंत्री ने प्रदेश में 150 बीज बैंकों की प्रगति की समीक्षा की और 457 ग्राम पंचायतों में गौ माता आश्रय स्थल बनाने की घोषणा की।

जयपुर के इंदिरा गांधी पंचायती राज संस्थान में आयोजित राज्य स्तरीय वनस्पति बीज बैंक कार्यशाला को संबोधित करते शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर।
जयपुर, 11 मार्च। जयपुर स्थित इंदिरा गांधी पंचायती राज प्रशिक्षण संस्थान में बुधवार को आयोजित एक दिवसीय राज्य स्तरीय वनस्पतिक बीज बैंक कार्यशाला में शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री श्री मदन दिलावर ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि "राज्य सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"
पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश
मंत्री श्री दिलावर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि "विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।" उन्होंने कहा कि "सभी कार्य समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरे किए जाएं।" उन्होंने स्पष्ट किया कि "जो अधिकारी अच्छा कार्य करेंगे उन्हें प्रोत्साहित किया जाएगा, वहीं लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।"
प्रदेश में वनस्पतिक बीज बैंकों की स्थापना और प्रगति
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने वर्ष 2024-25 के बजट में गोचर एवं औरण भूमि के विकास, घास-चारा उत्पादन तथा देशी वृक्षों के संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए वनस्पतिक बीज बैंक स्थापित करने की घोषणा की थी। इसी क्रम में प्रदेश के 30 जिलों में कुल 150 बीज बैंक स्थापित किए गए हैं, जिनका उद्घाटन 22 अप्रैल 2025 को किया गया था। मंत्री ने कहा कि "कुछ बीज बैंक बेहतर कार्य कर रहे हैं, जबकि कई स्थानों पर अपेक्षित स्तर पर बीज संग्रहण नहीं हो रहा है।"
स्थानीय प्रजातियों का संरक्षण और रोजगार के अवसर
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि "स्थानीय प्रजातियों के घास, चारा एवं देशी वृक्षों के बीजों का संग्रहण, संरक्षण एवं भंडारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि चारागाह विकास कार्यों में किसी प्रकार की कमी न आए।" उन्होंने कहा कि "इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे तथा चारागाह विकास कार्यों को गति मिलेगी।" कार्यशाला में जल ग्रहण विकास एवं भू-संरक्षण निदेशक श्री मोहम्मद जुनेद ने भी संबोधित किया तथा अतिरिक्त निदेशक श्री मनोज कुमार ने कार्यशाला की रूपरेखा प्रस्तुत की। इस अवसर पर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए विकास अधिकारी एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय चारागाह विकास आधारित गौ माता आश्रय स्थल
मंत्री श्री दिलावर ने बताया कि राज्य सरकार निराश्रित गौवंश के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। इस दिशा में राज्य के 457 पंचायत समितियों की एक-एक ग्राम पंचायत में लगभग 20 हेक्टेयर क्षेत्रफल में पंडित दीनदयाल उपाध्याय चारागाह विकास आधारित गौ माता आश्रय स्थल स्थापित किए जाएंगे। इन आश्रय स्थलों पर जल संरक्षण संरचनाएं, पानी की पक्की खेल, सघन वृक्षारोपण, चारागाह विकास, चारा भंडारण तथा कंपोस्ट खाद उत्पादन जैसे कार्य किए जाएंगे।
बजट प्रावधान और योजना के दूरगामी लाभ
प्रत्येक आश्रय स्थल की अनुमानित लागत लगभग 85 लाख रुपये होगी और इस योजना के लिए कुल 388 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि "यह योजना गौ संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित होगी। इन आश्रय स्थलों में गौवंश को प्राकृतिक वातावरण में स्वतंत्र रूप से विचरण करने की सुविधा मिलेगी तथा उन्हें चारा, पानी एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। साथ ही जल संरक्षण संरचनाओं के माध्यम से भूजल स्तर में भी सुधार होगा और किसानों को जैविक खाद उपलब्ध हो सकेगी।"

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