जयपुर, 30 जून। सहकारिता मंत्रालय के दूरदर्शी प्रयासों से ग्राम पंचायत स्तर पर संचालित 'एम-पैक्स' (मॉडल पैक्स) अब ग्रामीण विकास की आधारशिला बन गई हैं। कभी केवल किसानों को ब्याज मुक्त फसली ऋण उपलब्ध कराने तक सीमित रही ग्राम सेवा सहकारी समितियां, अब मंत्रालय द्वारा प्रारंभ किए गए 114 नवाचारों को अपनाकर किसानों के लिए एक सशक्त माध्यम बन गई हैं। अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को रूपांतरित कर ये समितियां आज ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रही हैं।

जयपुर सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक के सभागार में आयोजित 'राज्य स्तरीय पैक्स परिवर्तन दिवस एवं सहकार चौपाल' को संबोधित करते हुए अतिरिक्त रजिस्ट्रार (मा.स.वि.) श्री भोमाराम ने कहा कि एम-पैक्स आज कॉमन सर्विस सेंटर, कस्टम हायरिंग सेंटर, एफ.पी.ओ., जन औषधि केंद्र और प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र के रूप में कार्य करते हुए एक 'वन-स्टॉप सॉल्यूशन' बनकर उभरी हैं। उन्होंने जोर दिया कि आमजन को सहकारिता से जोड़ने के लिए यह आवश्यक है कि ग्रामीण स्तर पर ही उच्च तकनीक आधारित सेवाएं उपलब्ध हों। इससे न केवल शहरों की ओर पलायन रुकेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के व्यापक अवसर भी सृजित होंगे।

इस अवसर पर जयपुर संभाग के अतिरिक्त रजिस्ट्रार श्री मदन लाल गुर्जर ने पैक्स की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और विश्वसनीयता लाने पर बल दिया। उन्होंने बताया कि दैनिक कामकाज को सुगम बनाने के लिए कंप्यूटराइजेशन का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। श्री गुर्जर ने समिति के पदाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे दैनिक मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें ताकि तकनीकी लाभ जमीनी स्तर तक पहुँच सके और समिति की कार्यकुशलता में गुणात्मक वृद्धि हो।

कार्यक्रम के दौरान जयपुर सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक के प्रबंध निदेशक श्री दिनेश कुमार शर्मा ने 'सहकार से समृद्धि' कार्यक्रम के अंतर्गत 'म्हारो खातो-म्हारो बैंक' पहल पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस पहल से दुग्ध उत्पादकों और पशुपालकों के लिए प्रगति के नए द्वार खुलेंगे। सहकार चौपाल में उपस्थित दुग्ध उत्पादक समितियों के अध्यक्षों एवं सचिवों को संबोधित करते हुए श्री शर्मा ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय सहकारी बैंकों में पशुपालकों के जीरो बैलेंस पर खाते खोले जा रहे हैं। इन खाताधारकों को चेक बुक, एटीएम डेबिट कार्ड, आरटीजीएस और नेफ्ट जैसी सभी सुविधाएं पूर्णतया निःशुल्क प्रदान की जा रही हैं। इसके अतिरिक्त, यदि कोई खाताधारक बैंक लॉकर सुविधा लेना चाहता है, तो उसे लॉकर किराए में 20 प्रतिशत की विशेष छूट देने का भी प्रावधान किया गया है, जो सहकारिता के प्रति आमजन के भरोसे को और मजबूत करेगा।

Pratahkal Newsroom

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