जयपुर में गंदगी फैलाने वालों की अब खैर नहीं: कैमरे में कैद होते ही घर पहुँच रहा है चालान
जयपुर नगर निगम आयुक्त डॉ. गौरव सैनी के निर्देश पर शहर में स्वच्छता को लेकर बड़ी कार्रवाई शुरू हुई है। स्मार्ट सिटी कैमरों की मदद से सड़क पर कचरा फेंकने वालों को ट्रेस कर सीधे उनके घर चालान भेजे जा रहे हैं। चांदपोल और त्रिपोलिया बाजार में हुई इस सख्ती से गंदगी फैलाने वालों में हड़कंप है। जानें कैसे तकनीक के जरिए जयपुर को साफ रखने की मुहिम तेज हो गई है।

जयपुर। गुलाबी नगरी को स्वच्छता के शिखर पर पहुँचाने के लिए नगर निगम जयपुर ने अब 'डिजिटल स्ट्राइक' का रास्ता अख्तियार कर लिया है। शहर की सड़कों को डस्टबिन समझने वाले लापरवाह लोगों पर प्रशासन की पैनी नजर है। नगर निगम आयुक्त डॉ. गौरव सैनी के कड़े निर्देशों के बाद अब जयपुर की सड़कों पर कचरा फेंकना न केवल भारी पड़ रहा है, बल्कि नियम तोड़ने वालों को सीधे उनके घर पर ही कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत लगे अत्याधुनिक कैमरों ने अब स्वच्छता के सिपाहियों की भूमिका निभानी शुरू कर दी है, जिससे शहर की निगरानी व्यवस्था पहले से कहीं अधिक चाक-चौबंद हो गई है।
इस मुहिम के तहत नगर निगम जयपुर ने एक नई और सख्त कार्यप्रणाली लागू की है, जिसमें स्मार्ट सिटी कंट्रोल रूम से शहर के बाजारों की 24 घंटे लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है। गुरुवार को इस निगरानी तंत्र का असर जमीन पर तब दिखाई दिया जब चांदपोल, गणगौरी बाजार और त्रिपोलिया बाजार जैसे व्यस्ततम क्षेत्रों में कुछ दुकानदारों और राहगीरों को सड़क पर कचरा फैलाते हुए रंगे हाथों कैमरों में ट्रेस किया गया। कैमरों से प्राप्त हाई-डेफिनिशन फोटो और वीडियो फुटेज के आधार पर निगम की टीम ने तत्काल हरकत में आते हुए नौ अलग-अलग स्थानों पर गंदगी फैलाने वाली घटनाओं को चिन्हित किया।
प्रशासनिक सख्ती का आलम यह रहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाले इन लोगों की पहचान कर निगम ने तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की। एक ही दिन में कुल 10,500 रुपये का जुर्माना वसूलने की प्रक्रिया शुरू की गई और खास बात यह रही कि चालान सीधे दोषियों के घर तक भिजवाए गए। नगर निगम के इस कदम ने उन लोगों के बीच हड़कंप मचा दिया है जो अब तक अंधेरे या भीड़ का फायदा उठाकर सड़कों पर गंदगी फैला देते थे। डॉ. गौरव सैनी के नेतृत्व में निगम अधिकारियों ने यह स्पष्ट संदेश दे दिया है कि सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता से समझौता करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।
नगर निगम ने इस विशेष अभियान के माध्यम से न केवल दंडात्मक कार्रवाई की है, बल्कि शहरवासियों और व्यापारिक संगठनों से भावुक अपील भी की है। निगम का मानना है कि केवल चालान से शहर साफ नहीं होगा, इसके लिए जनभागीदारी अनिवार्य है। नागरिकों से आग्रह किया गया है कि वे कचरे को केवल निर्धारित स्थानों और कचरा संग्रहण वाहनों में ही डालें। प्रशासन का यह सख्त रवैया जयपुर को 'क्लीन सिटी-स्मार्ट सिटी' के विजन को धरातल पर उतारने की एक गंभीर कोशिश है, जिसका उद्देश्य शहर के गौरव को पुनर्स्थापित करना और स्वच्छता को हर नागरिक की आदत बनाना है।

Pratahkal Bureau
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