जयपुर में कृषि विभाग की एआई पहल: जेमिनी प्रशिक्षण से योजनाओं का प्रचार होगा तेज, किसानों तक पहुंचेगा समय पर लाभ
जयपुर में कृषि विभाग की विशेष कार्यशाला में गूगल क्लाउड टीम ने जेमिनी एआई के उपयोग का प्रशिक्षण दिया। आयुक्त कृषि श्री नरेश कुमार गोयल ने अधिकारियों को एआई को दैनिक कार्यों में अपनाने के निर्देश दिए, ताकि विभागीय योजनाओं का प्रभावी प्रचार-प्रसार हो और पात्र किसानों तक समय पर लाभ पहुंच सके।

तस्वीर में जयपुर स्थित पंत कृषि भवन के सभा कक्ष में कृषि विभाग की विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान बैठे अधिकारी नजर आ रहे हैं।
जयपुर, 23 जुलाई। कृषि विभाग को आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से सशक्त बनाकर विभागीय कार्यप्रणाली को अधिक त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी बनाने तथा विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक पात्र किसानों तक उनका लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से पंत कृषि भवन, जयपुर के सभा कक्ष में विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला की अध्यक्षता आयुक्त कृषि श्री नरेश कुमार गोयल ने की।
कार्यशाला में गूगल क्लाउड टीम ने जेमिनी एआई के उपयोग, उसकी कार्यप्रणाली और व्यावहारिक फायदों के संबंध में अधिकारियों को विस्तृत प्रशिक्षण दिया। इस अवसर पर कृषि विभाग मुख्यालय के सभी योजना प्रभारियों ने व्यक्तिगत रूप से भाग लिया, जबकि विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से प्रशिक्षण से जुड़े।
आयुक्त कृषि श्री नरेश कुमार गोयल ने कहा कि बदलते तकनीकी दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रभावी उपयोग प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और विभागीय कार्यों को अधिक सरल तथा परिणामोन्मुखी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि जेमिनी एंटरप्राइज एआई जैसे आधुनिक तकनीकी टूल्स के उपयोग से विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नियमित कार्यों में समय की बचत होगी और कार्य की गुणवत्ता तथा सटीकता भी बेहतर होगी।
उन्होंने कहा कि एआई तकनीक का उद्देश्य केवल कार्यालयीन कार्यों को आसान बनाना नहीं है, बल्कि विभागीय योजनाओं की जानकारी किसानों तक सरल, सहज और प्रभावी तरीके से पहुंचाना भी है। इसके माध्यम से योजनाओं की जानकारी और जागरूकता सामग्री किसानों की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार कर व्यापक स्तर पर प्रचारित की जा सकेगी।
प्रशिक्षण के दौरान गूगल क्लाउड टीम ने बताया कि एआई टूल की सहायता से विभागीय अधिकारी और कर्मचारी विभिन्न प्रकार के सरकारी पत्र, ड्राफ्ट तथा आधिकारिक कम्युनिकेशन कम समय में तैयार कर सकते हैं। इससे कार्यालयीन कार्यों में तेजी आएगी और भाषा की शुद्धता, प्रस्तुतीकरण तथा गुणवत्ता में भी सुधार होगा।
इसके अलावा अधिकारियों को बताया गया कि कृषि से संबंधित विभिन्न विषयों, योजनाओं और तकनीकी जानकारियों का आवश्यकता के अनुसार विभिन्न भाषाओं में त्वरित एवं प्रभावी अनुवाद भी किया जा सकता है। इससे प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में किसानों और आमजन तक उनकी समझ के अनुरूप स्थानीय भाषा में सूचनाएं पहुंचाने में सहायता मिलेगी।
कार्यशाला में एआई के माध्यम से कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं और किसान कल्याणकारी कार्यक्रमों के प्रचार-प्रसार को अधिक प्रभावी बनाने के तरीकों पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों को बताया गया कि एआई की मदद से किसानों के लिए आकर्षक डिजिटल पम्फलेट, ब्रोशर, पोस्टर, सोशल मीडिया पोस्ट तथा अन्य प्रचार सामग्री कम समय में तैयार की जा सकती है।
इसी प्रकार किसानों को कृषि योजनाओं, आधुनिक कृषि तकनीकों, प्राकृतिक खेती, फसल उत्पादन, कृषि यंत्रीकरण, सिंचाई, बीज, उर्वरक तथा अन्य किसान हितकारी विषयों पर जागरूक करने के लिए छोटे और प्रभावशाली शॉर्ट वीडियो भी तैयार किए जा सकते हैं। इन डिजिटल माध्यमों के जरिए विभागीय योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी किसानों तक सरल भाषा और आकर्षक तरीके से पहुंचाई जा सकेगी।
आयुक्त कृषि श्री नरेश कुमार गोयल ने कहा कि तकनीक का वास्तविक उद्देश्य आमजन के जीवन को सरल बनाना और सरकारी सेवाओं को अधिक सुगम एवं प्रभावी बनाना है। उन्होंने कहा कि एआई के उपयोग से विभागीय योजनाओं की जानकारी और उनके प्रचार-प्रसार से संबंधित सामग्री को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार कर जमीनी स्तर तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकेगा। इससे पात्र किसान समय पर योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर उनका लाभ उठा सकेंगे।
उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक और एआई के माध्यम से कृषि विभाग की सूचना एवं संचार व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जा सकता है। इससे योजनाओं की पहुंच बढ़ाने, किसानों में जागरूकता पैदा करने और विभागीय गतिविधियों के प्रभावी प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।
कार्यशाला के अंत में आयुक्त कृषि ने अधिकारियों को एआई तकनीक के व्यावहारिक उपयोग को अपने दैनिक कार्यों में शामिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी एआई की क्षमताओं का जिम्मेदारीपूर्वक और प्रभावी उपयोग करते हुए विभागीय कार्यों को अधिक तेज, सरल, गुणवत्तापूर्ण और परिणामपरक बनाएं। साथ ही उन्होंने अधिकारियों से कहा कि तकनीक का उपयोग करते हुए कृषि विभाग की योजनाओं एवं किसान हितकारी कार्यक्रमों की जानकारी अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि राज्य सरकार की किसान कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक समय पर और प्रभावी रूप से पहुंच सके।
कार्यशाला में अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने एआई के विभिन्न व्यावहारिक उपयोगों को समझा तथा विभागीय कार्यों में इसके प्रभावी उपयोग को लेकर अपने अनुभव और जिज्ञासाएं भी साझा कीं। यह कार्यशाला कृषि विभाग को डिजिटल रूप से और अधिक सक्षम बनाने तथा तकनीक आधारित, त्वरित और किसान-केंद्रित प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

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