कोटा में किसान कार्यशाला का आयोजन, ओम बिरला ने की प्राकृतिक खेती की बात
कोटा में आयोजित किसान कार्यशाला में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने प्राकृतिक खेती और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया।

कोटा में आयोजित प्राकृतिक खेती कार्यशाला के दौरान पुस्तक विमोचन करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और अन्य जनप्रतिनिधि।
कोटा, 29 जून। देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ किसान और सीमाओं के सजग प्रहरी जवान राष्ट्र के प्राण तंत्र हैं। इसी भावना के साथ लोकसभा अध्यक्ष माननीय ओम कृष्ण बिरला के मार्गदर्शन एवं निर्देशों के क्रम में सोमवार को कोटा में प्राकृतिक खेती विषयक एक भव्य किसान कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण आयोजन में लगभग एक हजार किसानों ने सहभागिता निभाई, जहां उन्हें प्राकृतिक खेती, कम लागत में उच्च गुणवत्तापूर्ण उत्पादन, उन्नत कृषि विपणन, पशुपालन एवं उद्यानिकी के माध्यम से आय संवर्धन की आधुनिक तकनीकों का गहन प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कार्यक्रम के दौरान प्राकृतिक खेती पर केंद्रित पुस्तक का विमोचन किया गया और कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले प्रगतिशील किसानों को सम्मानित भी किया गया।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने 'भारत माता की जय' के उद्घोष के साथ किसानों का नमन किया और कहा कि वे हाड़ौती के किसानों का जीवन स्तर ऊपर उठाने और खेती को एक लाभकारी व्यवसाय के रूप में स्थापित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि प्राकृतिक खेती भारत की प्राचीन गौरवशाली विरासत है। वर्तमान परिदृश्य में धरती की उर्वरा शक्ति, मानव स्वास्थ्य, जैव विविधता और पर्यावरण के संतुलन को बनाए रखने के लिए रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक प्रयोग को कम करना समय की अनिवार्य आवश्यकता है।
श्री बिरला ने हाड़ौती की जलवायु, उपजाऊ भूमि और जल की प्रचुरता को प्राकृतिक खेती के लिए अत्यंत उपयुक्त बताते हुए कहा कि किसानों को केवल पारंपरिक कृषि तक सीमित न रहकर बहुफसली खेती, उद्यानिकी, फल उत्पादन, मधुमक्खी पालन एवं पशुपालन को अपनाना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की किसान हितैषी दूरदर्शिता का उल्लेख करते हुए गुजरात के सिंचाई मॉडल की सराहना की और देशभर में वर्षों से लंबित लगभग 99 सिंचाई परियोजनाओं को गति देने की जानकारी दी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ईआरसीपी और परवन जैसी महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाएं शीघ्र पूर्ण होंगी, जिससे किसानों को स्थायी लाभ मिलेगा।
पशुपालन को प्राकृतिक खेती का मजबूत आधार बताते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने घोषणा की कि प्रत्येक तहसील एवं पंचायत स्तर पर कोल्ड स्टोरेज विकसित किए जाएंगे ताकि हरा चारा सुरक्षित रहे। उन्होंने मदर डेयरी एवं सरस डेयरी के साथ समन्वय स्थापित कर दूध, फल और सब्जियों की खरीद सुनिश्चित करने पर बल दिया, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त हो सके। साथ ही, आधुनिक मार्केटिंग लिंक के माध्यम से हाड़ौती के किसान अब दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े बाजारों के भावों से अपडेट रहकर सीधे अपने उत्पाद बेच सकेंगे। उन्होंने फलोद्यान पर जोर देते हुए कहा कि आम, नींबू, जामुन और पपीता जैसे फलदार पौधों की खेती तथा प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना से किसानों और मातृशक्ति को आर्थिक आत्मनिर्भरता मिलेगी। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि सरकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र किसान तक पहुंचे, जिसके लिए प्रशासन स्वयं किसानों के द्वार तक पहुंचेगा।
लाडपुरा विधायक श्रीमती कल्पना देवी ने कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए ड्रोन दीदी एवं लखपति दीदी जैसी योजनाओं का उल्लेख किया और कहा कि प्रधानमंत्री की नीतियां किसानों व युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए समर्पित हैं। कार्यशाला में विशेषज्ञों ने जीवामृत, घनजीवामृत, बीजामृत और कीट प्रबंधन की तकनीकी जानकारियां दीं। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के अंतर्गत कोटा जिले के 35 क्लस्टरों में अब तक 4,375 किसान प्राकृतिक खेती से जुड़ चुके हैं और जिले का लगभग 4 प्रतिशत कृषि क्षेत्र जैविक खेती के अधीन है। कार्यक्रम में जिला प्रमुख मुकेश मेघवाल, जिला कलक्टर डॉ. पीयूष समारिया, भाजपा जिला अध्यक्ष (देहात) प्रेम गोचर, शहर जिला अध्यक्ष राकेश जैन, कृषि विभाग के अतिरिक्त निदेशक अशोक शर्मा, संयुक्त निदेशक सत्येन्द्र पाठक व रविन्द्र जैन सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे। लोकसभा अध्यक्ष ने कार्यक्रम के अंत में कृषि एवं प्राकृतिक उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन कर किसानों का उत्साहवर्धन किया।

Pratahkal Newsroom
प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
