कोटा में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में रविवार को एक विशेष आयोजन किया गया, जिसमें योग को केवल शारीरिक व्यायाम तक सीमित न रखकर इसे जीवन का आधार बनाने पर बल दिया गया। केंद्रीय संचार ब्यूरो, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के क्षेत्रीय कार्यालय, कोटा द्वारा शहर के चिल्ड्रन टी.टी. कॉलेज, दादाबाड़ी और प्रशांति विद्या मंदिर, महावीर नगर-द्वितीय में योगाभ्यास एवं जन-जागरुकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन आयोजनों का मुख्य उद्देश्य योग की प्राचीन भारतीय परंपरा और इसके वैज्ञानिक स्वास्थ्य लाभों के प्रति आमजन को जागरूक करना था।


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय संचार ब्यूरो के सहायक निदेशक श्री रामेश्वर लाल मीणा ने कहा कि योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर है जो मानवता को स्वस्थ जीवन का मार्ग दिखाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि योग केवल शारीरिक कसरत नहीं, बल्कि एक संतुलित एवं अनुशासित जीवन जीने की पूर्ण पद्धति है। नियमित योगाभ्यास से न केवल शरीर स्वस्थ रहता है, बल्कि मन की शांति और विचारों में सकारात्मकता का संचार होता है। उन्होंने राजयोग, कर्मयोग, भक्तियोग, ज्ञानयोग और हठयोग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि ये सभी मानव के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक विकास में सहायक हैं।

चिल्ड्रन टी.टी. कॉलेज की प्राचार्या डॉ. अनामिका राठौर ने योग के व्यावहारिक लाभों पर जोर देते हुए बताया कि आज की तनावपूर्ण जीवनशैली में योग रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और एकाग्रता में सुधार लाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। समाजसेवी श्री विवेक राजवंशी ने योग को दैनिक दिनचर्या का अनिवार्य हिस्सा बनाने की अपील की, वहीं प्रशांति विद्या मंदिर की निदेशिका श्रीमती सावित्री विजय और प्राचार्या डॉ. जागृति तंवर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित करने के ऐतिहासिक संदर्भ को साझा किया।

इस अवसर पर योग प्रशिक्षक श्री मनोहर लाल द्विवेदी, श्री सुरेश गोयल और सुश्री प्रीति के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों को सूर्य नमस्कार, प्राणायाम और विभिन्न योगासनों का अभ्यास कराया गया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को योग के वैज्ञानिक पहलुओं से भी अवगत कराया गया। अंत में, उपस्थित सभी लोगों ने नियमित योगाभ्यास करने और समाज में इसके प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में विभिन्न संस्थानों के विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों और प्रबुद्ध नागरिकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई और प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। यह आयोजन न केवल स्वास्थ्य के प्रति चेतना जगाने वाला रहा, बल्कि योग के जरिए एक स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ।

Updated On
Pratahkal Newsroom

Pratahkal Newsroom

प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story