कोटा। राजस्थान की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक समृद्धि का केंद्र हाड़ौती अब वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर अपनी अमिट छाप छोड़ने को तैयार है। रविवार को शिक्षा नगरी कोटा में आयोजित 'हाड़ौती ट्रैवल मार्ट' का समापन समारोह केवल एक कार्यक्रम मात्र नहीं, बल्कि इस क्षेत्र की तकदीर बदलने वाले एक नए युग का शंखनाद बनकर उभरा। इस गरिमामयी अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने स्पष्ट किया कि हाड़ौती की माटी में पर्यटन की वो अपार संभावनाएं छिपी हैं, जो इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक विशिष्ट पहचान दिला सकती हैं। देशभर के विभिन्न राज्यों से जुटे ट्रैवल एजेंट्स, टूर ऑपरेटर्स और होटल व्यवसाय के दिग्गजों की उपस्थिति ने इस संकल्प को और अधिक सुदृढ़ कर दिया है कि आने वाले समय में कोटा और आसपास का क्षेत्र देशी-विदेशी सैलानियों की पहली पसंद बनेगा।

समारोह को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि इस ट्रैवल मार्ट की सार्थकता इसमें भाग लेने वाले विशेषज्ञों के भरोसे से झलकती है। उन्होंने हाड़ौती को जल, जंगल, विरासत और संस्कृति का एक अनूठा संगम बताया। बिरला ने रेखांकित किया कि चंबल सफारी का रोमांच, यहाँ के अजेय ऐतिहासिक किले, शिल्प कला की बेजोड़ मिसाल पेश करतीं बावड़ियाँ और भक्ति रस में डूबे धार्मिक स्थल इस क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से अद्वितीय बनाते हैं। उनके संबोधन में एक गहरा विजन नजर आया, जहाँ उन्होंने पर्यटन को केवल सैर-सपाटे तक सीमित न मानकर इसे स्थानीय युवाओं के रोजगार सृजन और क्षेत्र के आर्थिक सशक्तिकरण का सबसे सशक्त माध्यम बताया।

विकास की इस कड़ी में उन्होंने कनेक्टिविटी की महत्ता पर विशेष बल दिया। बिरला ने विश्वास दिलाया कि जैसे-जैसे कोटा और हाड़ौती में हवाई, सड़क और रेल सेवाओं का विस्तार हो रहा है, वैसे-वैसे यह क्षेत्र एक प्रमुख पर्यटन हब के रूप में विकसित होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब शिक्षा और स्वास्थ्य के साथ-साथ पर्यटन की नींव मजबूत होगी, तभी स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और अंततः यही छोटे-छोटे प्रयास राष्ट्र की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाएंगे।

भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के योगदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने साझा किया कि श्री शेखावत का इस क्षेत्र से गहरा जुड़ाव रहा है और उन्होंने व्यक्तिगत रूप से चंबल सफारी के नैसर्गिक सौंदर्य का अनुभव किया है। उनके नेतृत्व में केंद्र सरकार हाड़ौती को प्रमुख राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन सर्किट से जोड़ने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। इस वृहद योजना के धरातल पर उतरने के साथ ही हाड़ौती के ऐतिहासिक वैभव को वैश्विक मंच पर वह स्थान प्राप्त होगा, जिसका वह दशकों से हकदार रहा है। यह आयोजन एक ऐसे उज्जवल भविष्य की नींव रख गया है, जहाँ हाड़ौती की विरासत की गूँज सात समंदर पार तक सुनाई देगी।

Pratahkal Newsroom

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