नई दिल्ली/कोटा: हाड़ौती क्षेत्र के हवाई कनेक्टिविटी के सपने को पंख लगाते हुए कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना का निर्माण कार्य अब तेज गति से निर्णायक दौर की ओर बढ़ रहा है। लोक सभा अध्यक्ष और कोटा-बूंदी सांसद श्री ओम बिरला ने मंगलवार को संसद भवन स्थित अपने कार्यालय में इस महत्वाकांक्षी परियोजना की प्रगति को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि अक्टूबर 2027 तक एयरपोर्ट का निर्माण कार्य पूर्ण कर रनवे पर विमानों का संचालन प्रारंभ कर दिया जाएगा, जबकि इसी वर्ष दिसंबर 2027 से नियमित व्यावसायिक हवाई सेवाएं भी शुरू हो जाएंगी। विकास और संभावनाओं की इस बड़ी उड़ान को गति देते हुए लोक सभा अध्यक्ष ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि कोटा एयरपोर्ट पर ही इमीग्रेशन संबंधी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं, ताकि विदेश यात्रा करने वाले यात्रियों को दिल्ली, मुंबई अथवा जयपुर जैसे अन्य महानगरों में इमीग्रेशन प्रक्रिया के लिए परेशान न होना पड़े और उन्हें कोटा से ही अंतरराष्ट्रीय यात्रा की सुविधाएं सहज रूप से उपलब्ध हो सकें।

संसद भवन में आयोजित हुई इस अति-महत्वपूर्ण बैठक में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) के वरिष्ठ अधिकारी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहे, जबकि संभागीय आयुक्त कोटा, बूंदी जिला कलेक्टर, कोटा डेवलपमेंट अथॉरिटी, पावर ग्रिड, पीएचईडी एवं वन विभाग सहित विभिन्न संबंधित विभागों के उच्चाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने लोक सभा अध्यक्ष को धरातल पर चल रहे कार्यों की सिलसिलेवार प्रगति से अवगत कराते हुए बताया कि कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के अनुसार अत्यंत तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। 1088 एकड़ के विशाल भूभाग पर विकसित हो रहा यह ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट अत्याधुनिक विश्वस्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित होगा। अधिकारियों ने तकनीकी विवरण साझा करते हुए बताया कि इस एयरपोर्ट का रनवे 3.2 किलोमीटर लंबा होगा, जिस पर दुनिया के सबसे बड़े एयरक्राफ्ट भी पूरी सुरक्षा के साथ आसानी से लैंड कर सकेंगे। इस नए हवाई अड्डे की वार्षिक यात्री क्षमता लगभग 20 लाख यात्रियों को संभालने की होगी।

परियोजना को बहुआयामी और आर्थिक रूप से गेम-चेंजर बनाने के विजन के साथ लोक सभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने बैठक में एयरपोर्ट अथॉरिटी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि नए एयरपोर्ट के समीप एक अत्याधुनिक एमआरओ (Maintenance, Repair and Overhaul) फैसिलिटी स्थापित करने की संभावनाएं भी अनिवार्य रूप से तलाशी जाएं, जिससे इस पूरे क्षेत्र में एक बड़ा इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम विकसित हो सके और स्थानीय युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर मिल सकें। इसके साथ ही, श्री बिरला ने वर्तमान पुराने एयरपोर्ट के स्थान पर एक फ्लाइंग ट्रेनिंग स्कूल खोलने की संभावनाओं पर भी गंभीरता से विचार करने को कहा ताकि विमानन क्षेत्र में करियर बनाने वाले युवाओं को स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षण मिल सके। इस उच्चस्तरीय बैठक में लोक सभा सचिवालय के जॉइंट सेक्रेटरी श्री गौरव गोयल तथा लोक सभा अध्यक्ष के ओएसडी श्री राजेश गोयल भी विशेष रूप से उपस्थित रहे और परियोजना के त्वरित क्रियान्वयन से जुड़े प्रशासनिक बिंदुओं पर चर्चा की।

बैठक के समापन पर लोक सभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने इस परियोजना के दूरगामी प्रभावों को रेखांकित करते हुए कहा कि कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट आने वाले समय में संपूर्ण हाड़ौती क्षेत्र के चहुंमुखी विकास का एक नया ऐतिहासिक अध्याय सिद्ध होगा। यह एयरपोर्ट न केवल कनेक्टिविटी सुधारेगा, बल्कि क्षेत्र में व्यापार, पर्यटन, निवेश, उद्योग और रोजगार के अभूतपूर्व अवसर पैदा करेगा। इस हवाई सेवा के प्रारंभ होने से कोटा-बूंदी सहित पूरे हाड़ौती अंचल को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई और सुदृढ़ पहचान मिलेगी।

Pratahkal Newsroom

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